महिलाओं के साथ दुष्कर्म व अनाचार के मामले में ममता सरकार का बचाव करने में लगी कांग्रेस:- चंद्रकला पटेल


संदेशखाली मुद्दे पर साय ने ममता को पत्र लिखा तो कांग्रेस के पेट में दर्द हो रहा है, यह कांग्रेस का महिला विरोधी चरित्र – कैलाश सोनकर
मुख्यमंत्री साय को नसीहतों का पाठ पढ़ाने के बजाय बैज बताएँ कि राजस्थान और छत्तीसगढ़ में कांग्रेस शासनकाल में महिलाओं पर हुए अत्याचार के ख़िलाफ़ कांग्रेसी क्यों चुप थे?
धमतरी (प्रखर) भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा और युवा मोर्चा के संयुक्त तत्वावधान में पश्चिम बंगाल के संदेशखाली में हो रहे महिलाओं के खिलाफ अत्याचार और अनाचार के विरोध में धमतरी के गांधी मैदान में ममता बैनर्जी कि पुतला दहन किया गया ।
महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष चंद्रकला पटेल ने प. बंगाल के संदेशखाली में जनजाति समाज की महिलाओं के साथ हो रहे दुष्कर्म और अनाचार के संबंध में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय द्वारा प. बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को लिखे गए पत्र को लेकर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज के बयान पर तीखा हमला बोला है। श्रीमती पटेल ने कहा कि कांग्रेसियों को इस बात पर शर्म आनी चाहिए कि प. बंगाल में ममता बनर्जी के साथ गठबंधन में महज़ दो-चार सीटें पाने के लिए वहाँ पर हो रहे दुष्कर्म और अनाचार की घटनाओं के पक्ष में खड़ी होकर ममता सरकार का बचाव कर रही है।
युवा मोर्चा जिलाध्यक्ष कैलाश सोनकर ने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री साय को नसीहतें देने के बजाय कांग्रेस अध्यक्ष बैज ज़रा अपनी कांग्रेस सरकारों के शासनकाल पर नज़र डाल लें, जब राजस्थान में एक नाबालिग के साथ दुराचार करके भठ्ठी में झोंककर जला दिया गया था और छत्तीसगढ़ में तो महिलाओं के साथ अनाचार-अत्याचार की ऐसी-ऐसी वारदातें कांग्रेस शासनकाल में अंजाम दी गईं कि 3 साल की मासूम बच्चियों से लेकर वृद्ध महिलाएँ तक सिहर उठीं थीं। आज मणिपुर समेत भाजपा शासित राज्यों का हवाला देकर मुख्यमंत्री श्री साय को नसीहतों का पाठ पढ़ाने की राजनीतिक अशिष्टता का प्रदर्शन कर रहे कांग्रेस अध्यक्ष बैज ज़रा बताएँ कि कांग्रेस शासनकाल में राजस्थान और छत्तीसगढ़ में महिलाओं पर हो रहे अत्याचार के ख़िलाफ़ कांग्रेसी चुप क्यों थे? कैलाश सोनकर ने कहा कि ‘लड़की हूँ, लड़ सकती हूँ’ के जुमले उछालने वालीं प्रियंका वाड्रा की छत्तीसगढ में मौजूदगी के बावजूद राजधानी के हृदयस्थल पर जयस्तंभ चौक के करीब एएसपी दफ्तर के पास मल्टीलेवल पार्किंग में एक नाबालिग किशोरी के साथ गैंगरेप हुआ और प्रियंका वाड्रा ने तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से जवाब-तलब करने की ज़रूरत तक नहीं समझी! रक्षाबंधन के दिन दो सगी बहनों के साथ 10 वहशी दरिंदों ने दुष्कर्म किया, शिक्षक दिवस के दिन एक आदिवासी शिक्षिका के साथ गैंगरेप हुआ, अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के दिन भी महिलाओं की अस्मिता सुरक्षित नहीं रही थी। प्रियंका वाड्रा और बैज के मुँह पर तब ताला क्यों जड़ा हुआ था? कांग्रेस अध्यक्ष बैज को याद दिलाते हुए कहा कि इससे अधिक शर्मनाक और क्या हो सकता है कि सालभर पहले रायपुर में हुए कांग्रेस के अधिवेशन के दौरान कांग्रेस के तमाम आला नेताओं की मौज़ूदगी में प्रियंका वाड्रा के निजी सचिव ने कांग्रेस की एक दलित युवा नेत्री के साथ अभद्र व्यवहार किया था। इसकी शिकायत उनके पिताजी ने दर्ज भी कराई थी पर आज तक उस दलित महिला नेत्री को न्याय नहीं मिल पाया है और कांग्रेस के ‘शहजादा’ न्याय यात्रा की नौटंकी करते फिर रहे हैं।
उक्त प्रदर्शन में अविनाश दुबे वीथिका विश्वास चंद्रकला पटेल मोनिका देवांगन अभिषेक शर्मा विजय साहू निलेश लूनिया दीपेंद्र साहू विजय ठाकुर सरोज देवांगन रितिका यादव लता सोनी डाली सोनी कैलाश सोनकर,जय हिंदुजा,चिराग आथा, वेदप्रकाश साहू,गोपाल साहू,शुभक मिश्रा,राम सोनी,दिग्विजय ध्रुव,युवराज मरकाम,कोमल सर्वा,सुभाष चंद्राकर,नीरज साहू,उत्तम साहू,अमित साहू, ,अभिषेक शर्मा ,नीरज शुक्ला,देवेश साहू,धनेंद्र साहू,प्रिंस राजपूत,राम सोनी,भूषण सिन्हा उपस्थित हुए ।



