छत्तीसगढ़

670 किमी की भारतमाला परियोजना : 78 करोड़ जमीन के मुआवजे को लेकर किसानों ने किया घेराव

670 किमी की भारतमाला परियोजना : 78 करोड़ जमीन के मुआवजे को लेकर किसानों ने किया घेराव

1275 करोड़ की लागत से बननी है 105 किलोमीटर की फोरलेन सड़क
मुआवजा नही तो सड़क नही बनने की चेतावनी

कोरबा. छत्तीसगढ़ के कोरबा के उरगा से जशपुर जिले के पत्थलगांव शहर के समीप से होकर गुजर रहे भारत माला सड़क योजना में करीब आधा दर्जन गांव के किसान को उचित मुआवजा की मांग को लेकर एसडीएम से शिकायत की है।

जिले के तिरसोठ पंचायत के ग्रामीणों ने भारत माला सड़क योजना निर्माण शुरू होते ही कम मुआवजा मिलने का आरोप लगाते हुए जिला कलेक्टर के समक्ष शिकायत किया था जिसके बाद पत्थलगांव अनुविभागीय अधिकारी ने सभी को कार्यालय बुलाकर उनकी समस्याओ को सुन उचित समाधान करने की बात कही, ग्रामीणों का कहना है उन्हें निर्धारित मापदंड के अनुरूप बेहद कम मुआवजा राशि दिया जा रहा है जब तक उन्हें वाजिब मुआवजा नहीं मिल जाता है वे मुआवजा ग्रहण नहीं करेंगे।

इकोनामिक कॉरिडोर

बता दें कि भारत माला परियोजना कोरबा के उरगा से पत्थलगांव, कुरकुरी तक 105 किलोमीटर की सड़क 1275 करोड़ रुपए की लागत से फोरलेन सड़क एक्सेस कंट्रोल तकनीक से बनने वाली पहली इकोनामिक कॉरिडोर होगी. इसके लिए भूमि अधिग्रहण को लेकर मिल रहे मुआवजा राशि का आम तौर पर अनेको जगह मजबूत विरोध का सामना करना पड़ रहा है। राष्ट्रीय राजमार्ग के लिए भूमि का मुआवजा; भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास और पुनर्स्थापन में उचित मुआवजा और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, प्रावधानों के अनुसार तय किया जाता है, जो भूमि के निर्धारित बाजार मूल्य से 2 से 4 गुना अधिक होता है।

राजमार्ग प्राधिकरण परियोजना :
उल्लेखनीय है कि भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की भारत माला परियोजना के तहत छग में 670 किमी फोरलेन सड़क का निर्माण किया जाना है। इस सड़क के निर्माण के लिए अधिग्रहित किये जा रहे भूमि को लेकर पूर्व में भी मुआवजा अनिमितता को लेकर सवाल खड़े हो चुके हैं। मामले में तिरसोठ के ग्रामीणों ने कम मुआवजा राशि मिलने पर आपत्ति जताते हुए मुआवजा राशि लेने से इंकार कर दिया है।जिसके बाद प्रशासन उन्हें समझाईश देते हुए मनाने की कोशिश में जुट गयी है अब देखना होगा की प्रशासन इन ग्रामीणों को किस प्रकार राहत दे पाता है।

मुआवजा का आंकलन
इस मामले में पत्थलगांव एसडीएम आकांक्षा त्रिपाठी ने बताया की भूमि का अधिग्रहण एव मुआवजा आकलन राष्ट्रीय राजमार्ग अधिनियम के तहत किया गया है ग्रामीणों को समझाईश देकर उन्हें मुआवजा राशि प्राप्त करने में आने वाली दिक्कतों को दूर किया जा रहा है यदि ग्रामीणों को मुआवजा के आंकलन में कम राशि दर्ज होने की शिकायत है तो वे सम्बन्धित उच्चाधिकारी के समक्ष अपील कर सकते है।

Author Desk

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button