छत्तीसगढ़

कम बारिश की संभावना के मद्देनजर दलहन, तिलहन और मिलेट्स के बीज की तैयारी

नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों में हर सप्ताह फॉगिंग करें सुनिश्चित

छात्रावास, आंगनबाड़ी, स्कूल में डेंगू, मलेरिया, डायरिया की करें नियमित जांच

कलेक्टर सुश्री नम्रता गांधी ने समय सीमा की बैठक में दिए अधिकारियों को निर्देश

धमतरी  वर्तमान में जिले में रूक-रूककर हो रही बारिश के मद्देनजर किसानों को खरीफ फसल में किसी प्रकार की दिक्कत न हो इसलिए किसानों को धान के अलावा अन्य विकल्पों दलहन, तिलहन और मिलेट्स की खेती के लिए समय पर बीज उपलब्ध कराने और और इसकी विस्तृत कार्ययोजना बनाने के निर्देश आज कलेक्टर सुश्री नम्रता गांधी ने समय सीमा की बैठक में जल संसाधन, राजस्व, कृषि और संबंधित विभाग के अधिकारियों को दिये। कलेक्टर सुश्री नम्रता गांधी ने आज साप्ताहिक समय सीमा की बैठक लेकर जिले में होने वाली बारिश और विभागों द्वारा इसकी अग्रिम तैयारियों की समीक्षा की तथा आने वाले दिनों के लिए समुचित ;व्यवस्था सुनिश्चित करने अधिकारियों से कहा। उन्होंने डेंगू, मलेरिया और बारिश में होने वाली बीमारियों से बचाव के लिए नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों में हर सप्ताह फॉगिंग करने के भी निर्देश अधिकारियों को दिए। इसके साथ ही बारिश में पीने का पानी नहीं पहुंच पाने और अत्यधिक पानी भरने वाले इलाकों की जानकारी लेते हुए कार्ययोजना बनाने कहा। साथ ही इसकी लगातार मॉनिटरिंग करने के निर्देश अनुविभागीय अधिकारी राजस्व को दिए। उन्होंने शहरी क्षेत्र में बनाए गए रैन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम की जानकारी लेते हुए अधूरे कार्य को जल्द से जल्द पूरा करने कहा। इसके साथ ही मवेशियों की धर-पकड़ की जानकारी भी कलेक्टर ने बैठक में ली। बैठक में अपर कलेक्टर श्री जी.आर.मरकाम, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व धमतरी डॉ.विभोर अग्रवाल सहित जिला स्तरीय अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में कलेक्टर ने शिक्षा के अधिकार के तहत् स्कूल की मॉनिटरिंग करने हेतु नियुक्त किये गये मेंटर की जानकारी लेते हुए कहा कि मेंटर यह ध्यान रखने कहा कि यदि कोई बच्चा भरती नहीं ले रहा है, तो उसके कारणों को पता लगाकर बच्चों को स्कूल तक लाये.। इसके लिए पालकों और बच्चों से बात करें और किसी प्रकार की परेशानी आये तो अवगत करायें। उन्होंने कहा कि पंचायत और नगरीय निकाय की छोटी छोटी समस्याओ का समाधान स्थानीय स्तर पर सुनिश्चित करें। इसके लिए स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास और शिक्षा विभाग सतर्क रहे। किसी भी हॉस्टल, आंगनबाड़ी, स्कूल मे डेंगू, मलेरिया, डायरिया के बच्चे मिले तो तत्काल शिविर लगाकर सभी बच्चों की जाँच करें। ज़िंक और ओआरएस की दवाइयो को ग्रामीण क्षेत्रों में वितरित करते हुए राज्य के अनुपात मे वितरण करना सुनिश्चित करें।
बैठक में अविवादित/विवादित नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन, नक्शा, बटांकन, डायवर्सन, भू-अर्जन, बिना डायसर्वन के बनाए गए मकान पर कार्यवाही, फॉगिंग, आंगनबाड़ी की स्थिति, हाट-बाजार में लगी दुकानों की जांच करना सुनिश्चित करने के निर्देश कलेक्टर ने दिए। इसके लिए उन्होंने शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में अभियान चलाने कहा। इसके अलावा जाति प्रमाण पत्र, किसान क्रेडिट कार्ड, बीज, खाद वितरण, मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम की जानकारी कलेक्टर ने बैठक में ली। साथ ही बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, लोक निर्माण, स्वास्थ्य, शिक्षा, आदिवासी विकास, विद्युत, क्रेडा, समाज कल्याण, पशुपालन, मछलीपालन, आरईएस, वन, महिला एवं बाल विकास विभाग सहित अन्य विभागों के विभागीय प्रकरणों की बारी-बारी से समीक्षा की और अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिये

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