
डिमांड ना होने के बाद भी सप्लायर ने दवा खरीदी : अमर अग्रवाल
विधायक अजय चंद्राकर ने पकड़ी मंत्री की गलती
डा अनिल द्विवेदी
रायपुर. छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के चौथे दिन की शुरुआत विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह के आसंदी पर विराजमान होने के साथ हुई।
ध्यान आकर्षण प्रस्ताव के दौरान स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल से कई विधायकों ने सवाला जवाब किए खासतौर पर भाजपा विधायक धरमलाल कौशिक, भाजपा विधायक अजय चंद्राकर, भाजपा विधायक अमर अग्रवाल ने दवा खरीदी से जुड़े कई सवालों को उठाया। तीनों विधायकों ने दवाई खरीदी में बड़े स्तर पर भ्रष्टाचार की आशंका जाहिर करते हुए आंकड़ों के साथ सबूत पेश किया और एक कमेटी से उसकी जांच करने की मांग की।
विधायक धरमलाल कौशिक ने कहा कि जिस दर पर दवा खरीदी गई उससे कई गुना कम दर पर बाजार में दवाई मिलती है जबकि दवा खरीदी बोर्ड ने दवाइयां को 200% से ज्यादा की दर पर खरीदा। श्री कौशिक ने कहा कि इसमें अरबों का भ्रष्टाचार हुआ है, मंत्री को इस पर जांच करने की घोषणा करना चाहिए। उन्होंने खुलासा किया कि कई दवाइयां जरूरी न होने के बाद भी खरीदी गई क्योंकि सप्लायर ने मुनाफा कमाने की दृष्टि से इन दवाइयां को खरीदवाया और जमकर भ्रष्टाचार किया।
इसी तरह पूर्व स्वास्थ्य मंत्री रहे विधायक अमर अग्रवाल ने भी कहा कि मैंने ही दवा खरीदी बोर्ड का गठन किया था और खरीदी के नियम भी बनाए थे लेकिन पिछले कांग्रेस सरकार में नियमों को दरकिनार कर जमकर दवा खरीदी में भ्रष्टाचार हुआ। अमर अग्रवाल ने साफ किया कि यह मामला मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के कार्यकाल का नहीं है बल्कि पिछले कांग्रेस सरकार के स्वास्थ्य मंत्री के समय का है इसकी जांच होनी चाहिए तथा भ्रष्टाचारि अफसर और नेताओं पर कार्यवाही करने की जरूरत है
इस पर स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने जवाब दिया कि दवा खरीदी के मामले में कुल 25 शिकायत हुई, 15 निराकृत हुई, जबकि 10 लंबित हैं। उन्होंने कहा कि 800 से ज्यादा दवाई खरीदी की सूची है जिसे सदन में पढ़ पाना संभव नहीं है, मैं सदस्यों को व्यक्तिगत तौर पर इसकी जानकारी दे दूंगा।
इस पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह ने सहमति जताई जायसवाल ने यह भी वादा किया की दवा खरीदी में जो भ्रष्टाचार हुआ है उसकी एक समिति जांच कर रही है और 3 महीने के अंदर सारी जांच प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी।
अजय चंद्राकर ने पकड़ी मंत्री की गलती
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल जब विधायक धरमलाल कौशिक के सवालों का जवाब दे रहे थे तो उन्होंने एक शब्द का इस्तेमाल करते हुए कहा कि “माननीय सदस्य गलत बात कह रहे हैं” ऐसा बार-बार बोलने पर विधायक अजय चंद्राकर अपनी जगह से उठे और उन्होंने इस पर आपत्ति की. विधानसभा अध्यक्ष की ओर मुखातिब होते हुए चंद्राकर ने कहा कि मंत्री जी की भाषा गलत है, वे एक सदस्य के सवाल को गलत कैसे कह सकते हैं और यदि गलत है तो वह इसका जवाब क्यों दे रहे हैं, ऐसा कहते ही सदन में शांति छा गई। चंद्राकर ने कहा कि मंत्री जी को “गलत कहने की बजाय “सही नहीं है” शब्द का इस्तेमाल करना चाहिए. इस पर विधानसभा अध्यक्ष ने व्यवस्था दी और मंत्री को शब्दों का चयन ठीक करने को कहा, इस पर जायसवाल ने उसे स्वीकार कर लिया।