केजरीवाल हार के साथ सत्ता से बाहर, सिसोदिया भी हारे

केजरीवाल हार के साथ सत्ता से बाहर, सिसोदिया भी हारे
70 में से 49 पर भाजपा और 21 पर आप को बढ़त, कांग्रेस और अन्य का खाता भी नहीं खुला
नई दिल्ली। दिल्ली विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी को बड़ा झटका लगा है। दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के मुखिया अरविंद केजरीवाल को दिल्ली विधानसभा चुनाव में हार का सामना करना पड़ा है। तीन हजार से अधिक वोट से केजरीवाल चुनाव हारे हैं। नई दिल्ली विधानसभा सीट पर प्रवेश वर्मा ने उन्हें करारी शिकस्त दी है। जीत के बाद प्रवेश वर्मा अमित शाह से मिलने पहुंचे। प्रवेश वर्मा को दिल्ली के मुख्यमंत्री पद का प्रमुख दावेदार माना जा रहा है।
बता दें कि केजरीवाल के खिलाफ भारतीय जनता पार्टी ने प्रवेश वर्मा और कांग्रेस ने संदीप दीक्षित को टिकट दिया था। प्रवेश वर्मा ने इस चुनाव में अपने सियासी करियर की सबसे बड़ी जीत हासिल की है। नई दिल्ली विधानसभा सीट पर दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और दिल्ली के दो पूर्व मुख्यमंत्रियों के बेटों के बीच मुकाबला था। अंत में बाजी प्रवेश वर्मा के हाथ लगी। प्रवेश वर्मा दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री साहिब सिंह वर्मा के बेटे हैं। वहीं, संदीप दीक्षित दिल्ली की पूर्व सीएम शीला दीक्षित के बेटे हैं। वहीं आतिशी सिंह ने अपनी सीट बचा ली है। वह कालकाजी सीट से जीत गई हैं।
भाजपा की हुई दिल्ली
रुझानों में साफ़ है भाजपा दिल्ली में सरकार बना रही है। कांग्रेस का खाता खुलने की संभावना भी नजर नहीं आ रही है। पार्टी के कई बड़े नेता पीछे चल रहे हैं। पिछले चुनाव में अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी ने 70 में से 62 सीटें जीती थीं, जबकि भाजपा को आठ सीटें मिली थी वहीं कांग्रेस का खाता भी नहीं खुला था। भाजपा ने आम आदमी पार्टी को दिल्ली में जीत का चौका लगाने से रोक दिया। भाजपा यहां 27 साल बाद सत्ता में वापसी की है। 27 साल पहले भाजपा की सुषमा स्वराज 52 दिन के लिए दिल्ली की मुख्यमंत्री रही थीं। अरविंद केजरीवाल के इस्तीफे के बाद आतिशि ने दिल्ली की तीसरी महिला मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली थी। केजरीवाल के इस्तीफे के बाद दिल्ली चुनाव का परिदृश्य बदल गया। भाजपा मुखर हो गई। वहीं, कांग्रेस ने भी इस तरह टिकट बांटे, जिसने आम आदमी पार्टी को कई सीटों पर आसान जीत से रोक दिया।



