जेल में बंद चैतन्य बघेल और कवासी लखमा से मिले सचिन पायलट, कहा केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल विरोधी दलों को दबाने के लिए कर रही सरकार

जेल में बंद चैतन्य बघेल और कवासी लखमा से मिले सचिन पायलट, कहा केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल विरोधी दलों को दबाने के लिए कर रही सरकार
रायपुर। छत्तीसगढ़ कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट ने रायपुर सेंट्रल जेल में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल और कवासी लखमा से मुलाकात की। सेंट्रल जेल में दोनों से मुलाकात कर बाहर निकलने के बाद प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट ने कहा- जेल में पूर्व मुख्यमंत्री के बेटे चैतन्य बघेल से चर्चा हुई। चैतन्य बघेल ने उनसे कहा है कि, न्यायिक लड़ाई लड़ेंगे। सचिन पायलट ने कहा कि, सरकार विपक्षी दलों को दबाने का प्रायस कर रही है। भाजपा केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल विरोधी दलों को दबाने के लिए कर रही है। 10 साल में किसी भाजपा नेता के विरुद्ध जांच सेंट्रल एजेंसी ने नहीं की है। केवल विरोधियों को डराने का काम किया जा रहा है। केंद्र और प्रदेश की एजेंसियों का दुरुपयोग करते हैं, ईडी, सीबीआई, आईटी का दुरुपयोग भाजपा कर रही है।
भाजपा द्वारा चैतन्य के कांग्रेस में नहीं होने पर भी ताकत झोंकने की बात पर पीसीसी प्रभारी सचिन पायलट ने कहा कि भूपेश बघेल या उनके रिश्तेदार हों, हम सब परिवार के सदस्य हैं। कांग्रेस नेताओं के परिवार के सदस्यों को टारगेट किया जा रहा है। पायलट ने कहा कि, भूपेश बघेल को टारगेट कर पुत्र पर कार्रवाई हुई है। कांग्रेस के केंद्रीय और राज्य नेतृत्व को टारगेट कर रहे हैं। सारी परंपराएं ताक पर रख दी गई हैं, कानून से अलग काम हो रहा है।
जेल से निकलने के बाद कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट राजीव भवन पहुंचे। यहां उन्होंने कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के साथ चर्चा की। प्रभारी सचिव विजय जांगिड़, ज़रिता लैतफलांग के साथ इस दौरान पूर्व मंत्री ताम्रध्वज साहू, पूर्व विधायक विकास उपाध्याय भी मौजूद रहे।
दरअसल, छत्तीसगढ़ शराब घोटाला मामले में पूर्व सीएम भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को ईडी ने 22 जुलाई को रायपुर की स्पेशल कोर्ट में पेश किया था। कोर्ट ने उन्हें 14 दिन की ज्यूडिशियल रिमांड पर 4 अगस्त तक रायपुर जेल भेज दिया है। इससे पहले ईडी ने चैतन्य से 5 दिन तक पूछताछ की थी।ईडी के वकील सौरभ पांडेय ने कहा कि एविडेंस के मुताबिक शराब घोटाले से चैतन्य बघेल के तार जुड़े हुए हैं। इसी आधार पर उनके घर पर छापेमारी की गई। पूछताछ में चैतन्य से सही जवाब नहीं मिले। जांच के लिए कस्टडी की आवश्यकता थी, जिसके बाद मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत गिरफ्तारी की गई है। अगर कोई आरोप लगा रहा है तो वह उचित नहीं है।