छत्तीसगढ़

शिक्षक दिवस पर बच्चों ने अंतरिक्ष यात्री से सीखा नई ऊंचाइयों को छूने का हौसला


ग्रुप कैप्टन एवं अंतरिक्ष यात्री  शुभांशु शुक्ला ने वर्चुअल कॉन्फ्रेंस के माध्यम से स्कूली बच्चों से किया सीधे संवाद

बच्चों को और अधिक अवसर दिलाने उठाये जायेगे कदम – कलेक्टर श्री मिश्रा

धमतरी(प्रखर) शिक्षक दिवस के अवसर पर जिले के विद्यार्थियों को एक अनूठा अनुभव मिला, जब ग्रुप कैप्टन एवं अंतरिक्ष यात्री श्री शुभांशु शुक्ला ने वर्चुअल कॉन्फ्रेंस के माध्यम से सीधे संवाद किया। इस खास आयोजन में उन्होंने बच्चों से चर्चा की, उनके सवालों के जवाब दिए और उन्हें भविष्य में विज्ञान एवं अंतरिक्ष अनुसंधान के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

धमतरी जिले के सभी हाई एवं हायर सेकेंडरी स्कूलों में इस कार्यक्रम को देखने और सुनने की विशेष व्यवस्था की गई थी। विद्यार्थी बड़े उत्साह के साथ स्क्रीन पर जुड़कर सवाल पूछते रहे और अंतरिक्ष यात्री से प्रत्यक्ष देखने का अवसर पाकर गदगद दिखे।

शिव सिंह वर्मा हायर सेकेंडरी स्कूल धमतरी में आयोजित कार्यक्रम से जिले के कलेक्टर अबिनाश मिश्रा भी जुड़े। उन्होंने छात्रों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि अंतरिक्ष और विज्ञान के क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं। यदि बच्चे लगन और जिज्ञासा के साथ मेहनत करें तो वे भी भविष्य में अंतरिक्ष विज्ञान जैसे कठिन और रोचक क्षेत्रों में नाम कमा सकते हैं। कलेक्टर ने बताया कि जिला प्रशासन बच्चों को और अधिक अवसर दिलाने के लिए ठोस कदम उठा रहा है। इसके तहत जिले के मेधावी विद्यार्थियों को राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर विज्ञान से जुड़े कार्यक्रमों व कार्यशालाओं में भेजने की व्यवस्था की जा रही है, ताकि वे न केवल करीब से वैज्ञानिक प्रक्रियाओं को समझ सकें बल्कि अपने सपनों को आकार भी दे सकें।

शिक्षक दिवस पर आयोजित इस प्रेरणादायी संवाद ने बच्चों के मन में नई ऊर्जा और जिज्ञासा का संचार किया। विद्यार्थी इस कार्यक्रम से बेहद उत्साहित और प्रेरित होकर लौटे तथा उन्होंने संकल्प लिया कि वे शिक्षा और विज्ञान की दिशा में पूरी मेहनत से आगे बढ़ेंगे। इस अवसर पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्रीमती रोमा श्रीवास्तव, प्रिंसिपल शिव सिंह वर्मा सहित अन्य शिक्षक व विद्यार्थी उपस्थित थे.

बता दे कि  शुभांशु शुक्ला भारतीय वायुसेना में ग्रुप कैप्टन के पद पर सेवारत हैं। वे भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) की महत्वाकांक्षी गगनयान परियोजना के तहत चयनित उन चुनिंदा भारतीय अंतरिक्ष यात्रियों में शामिल हैं, जिन्हें रूस और भारत में विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया गया है। गगनयान मिशन का उद्देश्य भारत के पहले मानवयुक्त अंतरिक्ष अभियान को सफल बनाना है, और इस मिशन में शुभांशु शुक्ला की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है। उन्होंने भारतीय वायुसेना के पायलट के रूप में 2000 घंटे से अधिक उड़ान का अनुभव अर्जित किया है और वे जटिल परिस्थितियों में भी सटीक संचालन करने के लिए जाने जाते हैं।

Author Desk

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