धमतरी नगर निगम की ऐतिहासिक पहल: महापुरुषों के नाम पर मार्ग, चौक व परिसर

शहर की स्मृतियों को मिला स्थायी सम्मान, सांस्कृतिक चेतना को मिली नई पहचान
धमतरी(प्रखर)नगर पालिक निगम के इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय उस समय जुड़ गया जब महापौर रामू रोहरा की अनुशंसा एवं नगर निगम के समस्त पार्षदगण की सकारात्मक, संवेदनशील एवं दूरदर्शी सोच के परिणामस्वरूप नगर के विभिन्न प्रमुख मार्गों, चौकों एवं सार्वजनिक परिसरों को ख्यातिप्राप्त महापुरुषों, समाजसेवियों, साहित्यकारों एवं संत परंपरा के प्रतिनिधियों के नाम समर्पित करने का ऐतिहासिक निर्णय सर्वसम्मति से लिया गया। इसके साथ ही इन स्थलों पर नागरिकों की सुविधा हेतु सांकेतिक बोर्ड लगाए जाने की भी स्वीकृति प्रदान की गई। यह निर्णय न केवल नगर के भौतिक विकास का प्रतीक है, बल्कि धमतरी की सांस्कृतिक, साहित्यिक एवं ऐतिहासिक चेतना को सुदृढ़ करने वाला दूरगामी प्रयास भी माना जा रहा है।
नगर निगम की सामान्य सभा में इस संबंध में सक्षम प्रकरण प्रस्तुत किया गया, जिस पर सभी पार्षदों ने विस्तृत चर्चा के पश्चात सर्वसम्मति से संकल्प पारित किया। नगर के इतिहास में यह पहला अवसर है जब इस प्रकार संगठित एवं समन्वित रूप से महापुरुषों की स्मृतियों को नगर की सड़कों, चौकों और सार्वजनिक स्थलों से जोड़ा गया है। महापौर श्री रामू रोहरा के कुशल, समावेशी एवं जागरूक नेतृत्व में लिया गया यह निर्णय नगरवासियों के साथ-साथ प्रदेशभर के साहित्यकारों, बुद्धिजीवियों एवं सामाजिक संगठनों द्वारा सराहना का विषय बना हुआ है।
इन महापुरुषों के नाम पर होगा मार्ग व चौक का नामकरण
नगर निगम द्वारा जिन मार्गों, चौकों एवं परिसरों को महापुरुषों के नाम समर्पित किया गया है, उनमें चर्च के पास स्थित पुराना ओम शांति भवन मार्ग, पीटर कॉलोनी टिकरापारा को स्व. श्री नारायण लाल परमार मार्ग के नाम से जाना जाएगा। सामाजिक सौहार्द एवं स्थानीय स्मृतियों से जुड़े इस मार्ग को उनके नाम समर्पित करना उनके सामाजिक योगदान को चिरस्थायी सम्मान प्रदान करेगा।
अंबेडकर चौक के पास स्थित सोरिद नगर मार्ग को स्व. श्री त्रिभुवन पांडे मार्ग नाम दिया गया है। यह क्षेत्र नगर की सामाजिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र रहा है और अब यह मार्ग नई पीढ़ी को उनके व्यक्तित्व एवं कृतित्व से परिचित कराएगा।
छत्रपति शिवाजी चौक से जगन्नाथ मंदिर तक के मार्ग को स्व. श्री मुकीम भारती मार्ग नामांकित किया गया है। नगर की सांस्कृतिक धारा से जुड़े इस मार्ग से गुजरते हुए नागरिक अब स्व. श्री मुकीम भारती की स्मृतियों से भी जुड़ेंगे।
बाबू छोटेलाल श्रीवास्तव के निवास के समीप स्थित मार्ग को स्व. श्री भगवती सेन मार्ग नाम दिया गया है। सामाजिक एवं मानवीय मूल्यों के लिए पहचाने जाने वाले स्व. श्री भगवती सेन के नाम पर यह मार्ग समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा।
सिहावा रोड से आई.डी.आई. बैंक होते हुए तूफान चौक तक के मार्ग को संत बाबा घासीदास मार्ग नाम दिया गया है। छत्तीसगढ़ की संत परंपरा और सामाजिक समरसता के प्रतीक सतनाम पंथ के प्रवर्तक संत बाबा घासीदास के नाम पर यह मार्ग प्रदेश की आत्मा को नगर की सड़कों से जोड़ने का कार्य करेगा।
नालंदा परिसर में प्रस्तावित ग्रंथालय को प्रख्यात हास्य-व्यंग्य कवि की स्मृति में स्व. श्री सुरजीत नवदीप ग्रंथालय के नाम से जाना जाएगा। यह ग्रंथालय साहित्यिक चेतना का केंद्र बनेगा, जहां ज्ञान, संवाद और सृजन की परंपरा आगे बढ़ेगी।
इसी प्रकार चमेली चौक परिसर को राष्ट्रकवि स्व. श्री मैथिलीशरण गुप्त चौक के रूप में नामांकित किया गया है, जो हिंदी साहित्य के गौरवशाली अध्याय का प्रतीक होगा।
सर्वसम्मति से पारित हुआ ऐतिहासिक संकल्प
इन सभी प्रस्तावों को नगर निगम की सामान्य सभा में प्रस्तुत किया गया, जहां विस्तृत चर्चा के उपरांत सर्वसम्मति से संकल्प पारित किया गया। यह तथ्य इस बात का प्रमाण है कि नगर के निर्वाचित जनप्रतिनिधि केवल भौतिक विकास तक सीमित न रहकर सांस्कृतिक, साहित्यिक एवं वैचारिक उत्तरदायित्वों के प्रति भी सजग हैं।
महापौर रामू रोहरा का वक्तव्य
इस अवसर पर महापौर रामू रोहरा ने कहा कि “धमतरी केवल एक नगर नहीं, बल्कि इतिहास, संस्कृति और साहित्य की जीवंत परंपरा है। महापुरुषों के नाम पर मार्ग, चौक और संस्थान समर्पित करना आने वाली पीढ़ियों को उनके आदर्शों से जोड़ने का सशक्त माध्यम है। यह निर्णय सामूहिक सोच का परिणाम है और मुझे प्रसन्नता है कि नगर निगम के सभी पार्षदों ने इसे सर्वसम्मति से समर्थन दिया। हमारा प्रयास है कि धमतरी का विकास केवल भौतिक न होकर वैचारिक और सांस्कृतिक रूप से भी समृद्ध हो।”
उन्होंने यह भी कहा कि इन स्थलों पर लगाए जाने वाले सांकेतिक बोर्ड नागरिकों एवं आगंतुकों के लिए मार्गदर्शन के साथ-साथ इतिहास से परिचय का माध्यम बनेंगे।
साहित्यकारों एवं बुद्धिजीवियों ने जताया हर्ष
धमतरी जिला हिन्दी साहित्य समिति के अध्यक्ष डुमन लाल ध्रुव ने इस निर्णय को नगर की सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने वाला बताते हुए कहा कि जिन महापुरुषों ने समाज, साहित्य और मानव मूल्यों के लिए कार्य किया, उन्हें नगर की सार्वजनिक संरचना से जोड़ना सच्ची श्रद्धांजलि है।
श्रीमती कामिनी कौशिक ने साहित्यकारों के नाम पर मार्ग, चौक एवं ग्रंथालय प्रस्तावित किए जाने को हिंदी साहित्य के लिए गौरवपूर्ण क्षण बताया और कहा कि इससे साहित्य पुनः समाज के केंद्र में स्थापित होगा।
इस ऐतिहासिक निर्णय से प्रदेशभर के साहित्यकारों एवं बुद्धिजीवियों में हर्ष की लहर व्याप्त है। धमतरी जिला हिन्दी साहित्य समिति के संरक्षक गोपाल शर्मा, मदनमोहन खंडेलवाल, कुलदीप सिन्हा, आकाश गिरी गोस्वामी, डॉ. भूपेन्द्र सोनी, दीप शर्मा, चन्द्रहास साहू, चन्द्रशेखर शर्मा, डॉ. राकेश सोनी, विनोद राव, नरेश श्रोती, डॉ. सरिता दोशी, श्रीमती अनुनंदा, डॉ. रचना मिश्रा, श्रीमती रेखा परमार, श्रीमती बर्खा शर्मा, डॉ. विजय पंजवानी, रणजीत भट्टाचार्य, राजेन्द्र सिन्हा, मो. भाई शाह, मो. तारिक, दीपचंद भारती, लोकेश प्रजापति, डॉ. माधुरी डड़सेना, माधुरी मारकण्डे, राकेश दीवान, शेषनारायण गजेन्द्र, पवन चंदन, माझी अनंत, शैलेन्द्र चेलक सहित समिति के सभी पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने नगर निगम के इस निर्णय का स्वागत किया है।
नई पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत बनेगी यह पहल
साहित्य समिति की ओर से जारी प्रतिक्रिया में कहा गया कि महापुरुषों के नाम पर मार्ग, चौक एवं ग्रंथालय स्थापित करना केवल नामकरण नहीं, बल्कि सांस्कृतिक उत्तराधिकार को संरक्षित करने का कार्य है। यह पहल धमतरी को एक जागरूक, संस्कारित एवं सांस्कृतिक नगर के रूप में नई पहचान दिलाने की दिशा में मील का पत्थर सिद्ध होगी।
निस्संदेह महापौर रामू रोहरा के कुशल नेतृत्व एवं धमतरी जिला हिन्दी साहित्य समिति अध्यक्ष श्री डुमन लाल ध्रुव के सहयोग से लिया गया यह निर्णय धमतरी को उसकी आत्मा से जोड़ते हुए विकास की नई परिभाषा गढ़ेगा।



