वरिष्ठ शिक्षाविद एवं नूतन स्कूल के सेवानिवृत्त शिक्षक शंकर लाल गजेन्द्र का निधन, शिक्षा जगत ने खोया मार्गदर्शक

धमतरी(प्रखर)शहर के सुप्रसिद्ध शिक्षाविद, समाजसेवी एवं नूतन स्कूल धमतरी के सेवानिवृत्त शिक्षक शंकर लाल गजेन्द्र का 83 वर्ष की आयु में देवलोक गमन हो गया। वे बठेना चौक स्थित गुजराती कॉलोनी के निवासी थे। उनके निधन से न केवल शिक्षा जगत बल्कि सम्पूर्ण नगर शोक में डूब गया है।
स्व. श्री गजेन्द्र ने अपने दीर्घ शिक्षकीय जीवन में शिक्षा को केवल रोजगार का माध्यम नहीं, बल्कि समाज निर्माण का सशक्त आधार माना। उन्होंने दशकों तक नूतन स्कूल में सेवाएं देते हुए हजारों विद्यार्थियों को न केवल विषयगत ज्ञान प्रदान किया, बल्कि अनुशासन, नैतिकता, कर्तव्यनिष्ठा और संस्कारों की शिक्षा भी दी। उनके शिष्य आज प्रशासन, शिक्षा, व्यापार, चिकित्सा एवं विभिन्न सामाजिक क्षेत्रों में प्रतिष्ठित पदों पर कार्यरत हैं।
शिक्षक नहीं, जीवन के शिल्पकार थे
पूर्व छात्रों एवं सहयोगी शिक्षकों का कहना है कि श्री गजेन्द्र एक कठोर अनुशासनप्रिय शिक्षक होते हुए भी अत्यंत सरल, स्नेही और प्रेरणादायी व्यक्तित्व के धनी थे। वे विद्यार्थियों को केवल पाठ्यक्रम तक सीमित नहीं रखते थे, बल्कि जीवन के हर क्षेत्र में ईमानदारी, परिश्रम और सच्चाई के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा देते थे। उनका मानना था कि शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण है।
शिक्षा जगत के लिए अपूरणीय क्षति
उनके निधन को धमतरी के शिक्षा इतिहास के लिए एक अपूरणीय क्षति बताया जा रहा है। नगर के शिक्षाविदों, सामाजिक संगठनों एवं गणमान्य नागरिकों ने उनके योगदान को स्मरण करते हुए कहा कि स्व. गजेन्द्र जैसे शिक्षक विरले ही होते हैं, जो पीढ़ियों का भविष्य गढ़ते हैं।
अंतिम संस्कार आज
स्व. श्री शंकर लाल जी गजेन्द्र का अंतिम संस्कार 08 जनवरी 2026 (आज) को प्रातः 11 बजे शांति घाट, धमतरी में किया जाएगा। अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में शिक्षक, पूर्व छात्र, सामाजिक कार्यकर्ता एवं नगरवासी शामिल होंगे
श्रद्धांजलि एवं संवेदनाएं
शोक की इस घड़ी में नगरवासियों ने शोक संतप्त परिवार के प्रति गहरी संवेदनाएं व्यक्त की हैं तथा ईश्वर से दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करने और परिजनों को यह दुःख सहने की शक्ति देने की प्रार्थना की है।
ॐ शांति।



