छत्तीसगढ़

विद्यार्थियों को नवाचार, अनुसंधान और स्टार्टअप संस्कृति से जोड़ना होगा : कुलाधिपति डॉ विनय अग्रवाल

विद्यार्थियों को नवाचार, अनुसंधान और स्टार्टअप संस्कृति से जोड़ना होगा : कुलाधिपति डॉ विनय अग्रवाल

रायपुर। शिक्षा मंत्रालय और एआईसीटीई की पहल पर आईएसबीएम विश्वविद्यालय द्वारा विद्यार्थियों में नवाचार, अनुसंधान एवं तकनीकी सोच को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से नवाचार प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। इसका उद्घाटन विश्वविद्यालय के कुलाधिपति डॉ. विनय एम अग्रवाल ने किया। इस अवसर पर कुलपति डॉ आनंद महलवार एवं कुलसचिव डॉ. बीपी भोल ने भी अपना संबोधन दिया।

इस अवसर पर आईएसबीएम विश्वविद्यालय के कुलाधिपति डॉ विनय एम अग्रवाल ने कहा कि नवाचार ही किसी भी राष्ट्र की प्रगति का मूल आधार होता है। आज के विद्यार्थी केवल डिग्री प्राप्त करने तक सीमित न रहें, बल्कि समस्याओं के समाधान खोजने वाले नवाचारी विचारक बनें। शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य विद्यार्थियों में जिज्ञासा, अनुसंधान की प्रवृत्ति और तकनीकी सोच का विकास करना है। ऐसी नवाचार प्रदर्शनी विद्यार्थियों को अपने विचारों को मंच प्रदान करती है तथा उन्हें आत्मनिर्भर और उद्यमशील बनने की दिशा में प्रेरित करती है।

उन्होंने आगे कहा कि शिक्षा मंत्रालय और एआईसीटीई की यह पहल विद्यार्थियों को प्रयोगधर्मी शिक्षा से जोड़ने का सशक्त माध्यम है। विश्वविद्यालय सदैव विद्यार्थियों को नवाचार, अनुसंधान और स्टार्टअप संस्कृति से जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध रहेगा, ताकि वे समाज और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभा सकें।

विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. आनंद महलवार ने कहा कि नवाचार प्रदर्शनी विद्यार्थियों की रचनात्मक क्षमता को पहचानने और उसे दिशा देने का प्रभावी मंच है। ऐसे आयोजनों से विद्यार्थियों में आत्मविश्वास बढ़ता है और वे अपने ज्ञान को व्यवहारिक रूप में प्रस्तुत करना सीखते हैं, जो भविष्य की चुनौतियों के लिए उन्हें तैयार करता है।

विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. बी.पी. भोल ने कहा कि इस प्रकार की नवाचार प्रदर्शनी से विद्यार्थियों में अनुशासन, टीमवर्क और संगठनात्मक दक्षता का विकास होता है। यह आयोजन शैक्षणिक गतिविधियों को व्यवहारिक अनुभव से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है, जो विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में सहायक सिद्ध होगी।

इस कार्यक्रम में धन्यवाद ज्ञापन शैक्षणिक अधिष्ठाता डॉ एन कुमार स्वामी ने दिया तथा संचालन सुश्री सुकृति पाठक ने किया। स्वागत वक्तव्य छात्र कल्याण अधिष्ठाता डॉ शुभाशीष बिस्वास ने दिया।

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