बजट में छत्तीसगढ़ के साथ सौतेला व्यवहार, प्रदेश में चल रही रिमोट कंट्रोल की सरकार : तारिणी चंद्राकर

धमतरी(प्रखर) केंद्रीय वित्त मंत्री द्वारा पेश किए गए केंद्रीय बजट पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए जिला कांग्रेस अध्यक्ष तारिणी चंद्राकर ने इसे दिशाहीन और जनविरोधी बजट करार दिया है। उन्होंने कहा कि इस बजट में मिडिल क्लास और लोअर मिडिल क्लास के लिए किसी भी प्रकार की ठोस राहत नहीं दी गई है। महंगाई, बेरोजगारी और बढ़ते रोजमर्रा के खर्चों से जूझ रहे आम नागरिकों के लिए बजट में कोई स्पष्ट रोडमैप नजर नहीं आता, जिससे जनता में निराशा और असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
तारिणी चंद्राकर ने कहा कि बजट में छत्तीसगढ़ की पूरी तरह उपेक्षा की गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि डबल इंजन की सरकार प्रदेश की अपेक्षाओं पर पूरी तरह विफल साबित हुई है और यह बजट छत्तीसगढ़ के साथ सौतेले व्यवहार का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में विकास के नाम पर रिमोट कंट्रोल की सरकार चलाई जा रही है।
उन्होंने किसानों को लेकर भी केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से कृषि पर निर्भर है, लेकिन बजट में किसानों के लिए किसी विशेष पैकेज या नई योजना की घोषणा नहीं की गई, जो भाजपा सरकार की किसान विरोधी सोच को दर्शाता है।
औद्योगिक विकास पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि राज्य को कोई विशेष औद्योगिक पैकेज या बड़ी बुनियादी ढांचा परियोजना नहीं मिलने से प्रदेश की औद्योगिक प्रगति प्रभावित होगी। वहीं, रेल परियोजनाओं के लिए कम बजट आवंटन से छत्तीसगढ़ के रेल नेटवर्क विस्तार और कनेक्टिविटी को भी बड़ा झटका लगा है।
जिला कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि व्यापारी वर्ग जीएसटी के सरलीकरण, सोने-चांदी पर कस्टम ड्यूटी हटाने तथा क्रेडिट-डेबिट कार्ड पर सरचार्ज कम करने की मांग कर रहा था, लेकिन बजट में इन मुद्दों पर भी कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया।
अंत में उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने कुछ चुनिंदा राज्यों पर ही विशेष ध्यान केंद्रित किया है, जबकि खनिज-समृद्ध छत्तीसगढ़ जैसे राज्य को नजरअंदाज किया गया, जिससे यह साफ होता है कि प्रदेश में जनता की आवाज नहीं सुनी जा रही है।



