लोकल से ग्लोबल तक ले जाने वाला बजट – कविंद्र जैन

महंगाई व राजकोषीय घाटे में कमी, पूंजीगत व्यय और विकास दर में वृद्धि मजबूत अर्थव्यवस्था का प्रमाण
धमतरी(प्रखर) केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन ने रविवार को संसद में लगातार नौवीं बार केंद्रीय बजट प्रस्तुत किया। इस अवसर पर देशभर के जिला एवं मंडल मुख्यालयों में एलईडी स्क्रीन के माध्यम से बजट भाषण का सीधा प्रसारण किया गया, जिसे भाजपा कार्यकर्ताओं ने सामूहिक रूप से सुना।
बजट पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए भाजपा धमतरी जिला के बजट संयोजक, पूर्व प्रवक्ता एवं जिला महामंत्री कविंद्र जैन ने कहा कि हर नए वित्तीय सत्र के साथ भारत की अर्थव्यवस्था में अनुमान से बेहतर सुधार यह दर्शाता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश विश्व की बड़ी आर्थिक शक्ति बनने की दिशा में तेजी से अग्रसर है।
कविंद्र जैन ने कहा कि बीते कुछ वर्षों से वैश्विक स्तर पर अस्थिरता का माहौल बना हुआ है। अमेरिका और रूस जैसी महाशक्तियां प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से युद्ध और आंतरिक संकटों से जूझ रही हैं। ऐसी विषम परिस्थितियों में भी भारत की अर्थव्यवस्था का निरंतर मजबूत होना देश की सुदृढ़ आर्थिक नीतियों और दूरदर्शी नेतृत्व का परिणाम है।
उन्होंने कहा कि राजकोषीय घाटे में कमी, महंगाई पर नियंत्रण, पूंजीगत व्यय में बढ़ोतरी और विकास दर में सुधार किसी भी मजबूत अर्थव्यवस्था के प्रमुख संकेतक होते हैं। इन सभी मानकों पर मोदी सरकार ने लक्ष्य से बेहतर परिणाम दिए हैं।
कविंद्र जैन ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2026–27 का बजट विशेष रूप से एमएसएमई सेक्टर को प्रोत्साहित करने वाला है, जिससे स्थानीय उत्पादों को नए बाजार मिलेंगे। यह बजट सही मायनों में “लोकल से ग्लोबल” की सोच को जमीन पर उतारने वाला बजट है।
उन्होंने कहा कि आधारभूत संरचना के विकास के लिए 12 लाख करोड़ रुपये से अधिक का प्रावधान किया गया है। शिक्षा के क्षेत्र में 15,000 स्कूलों के उन्नयन, 500 नए कॉलेजों और नए विश्वविद्यालयों की स्थापना का रोडमैप तैयार किया गया है। विदेशों में शिक्षा को अधिक किफायती बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं।
पर्यटन क्षेत्र को विशेष फोकस में रखा गया है, वहीं टेक्सटाइल उद्योग को बढ़ावा देने के लिए नए प्रावधान किए गए हैं। स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़े सुधारों की तैयारी है, जिसमें बायो-फार्मा सेक्टर के लिए 10,000 करोड़ रुपये का प्रावधान शामिल है। कैंसर और हाइपरटेंशन जैसी गंभीर बीमारियों की दवाओं की कीमतों में बड़ी राहत देने की बात भी बजट में कही गई है।
सेमीकंडक्टर और रेयर अर्थ मिनरल्स पर विशेष ध्यान देकर भारत को चीन के मुकाबले तकनीकी रूप से और अधिक आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कदम बढ़ाया गया है। कृषि, पशुपालन और मछली पालन से जुड़े लोगों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए नई योजनाएं लाई गई हैं।
आने वाले वर्ष में सैकड़ों वंदे भारत और अमृत भारत ट्रेनों के संचालन से यातायात व्यवस्था को नई गति मिलेगी। बजट में 22 नए जल मार्गों का प्रावधान किया गया है। छत्तीसगढ़ को देश का खनिज कॉरिडोर बनाने की दिशा में भी ठोस पहल की गई है।
इसके साथ ही प्रत्येक जिले में गर्ल्स हॉस्टल, सेल्फ हेल्प इंटरप्रेनर (SHE) योजना जैसी योजनाएं महिला सशक्तिकरण को नई मजबूती देंगी।
कविंद्र जैन ने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और महिला सशक्तिकरण इस बजट के प्रमुख स्तंभ हैं। यह बजट विकसित भारत के संकल्प को साकार करने की दिशा में केंद्र सरकार द्वारा उठाया गया एक ऐतिहासिक और दूरगामी कदम है।



