छत्तीसगढ़

यूजीसी के नए नियमों में संशोधन की मांग को लेकर जिला ब्राह्मण समाज धमतरी ने सौंपा ज्ञापन


धमतरी(प्रखर) उच्च शिक्षा संस्थानों में जातिगत समानता से जुड़े विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) द्वारा 13 जनवरी 2026 से लागू किए गए नए नियमों में आंशिक संशोधन की मांग को लेकर जिला ब्राह्मण समाज धमतरी ने प्रधानमंत्री के नाम जिला कलेक्टर के माध्यम से ज्ञापन सौंपा। समाज के पदाधिकारियों का कहना है कि नियमों का उद्देश्य भले ही भेदभाव समाप्त करना हो, लेकिन वर्तमान स्वरूप में यह सामान्य वर्ग के विद्यार्थियों एवं प्राध्यापकों के साथ अन्याय की स्थिति उत्पन्न कर सकता है।
जिला ब्राह्मण समाज धमतरी के जिलाध्यक्ष राकेश कुमार दीवान, जिला महासचिव विनोद कुमार पाण्डेय एवं जिला सहसचिव प्रदीप शर्मा ने बताया कि नए नियमों में शिकायत अथवा आरोप की स्थिति में निष्पक्ष जांच एवं दोनों पक्षों को समान अवसर दिए जाने का स्पष्ट प्रावधान नहीं है। इससे एकपक्षीय कार्रवाई की आशंका बनी रहती है, जो प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के विरुद्ध है।
ज्ञापन सौंपने के दौरान तहसील अध्यक्ष सूर्यकांत तिवारी, उपाध्यक्ष प्रदीप पाण्डेय, सचिव अमन पाण्डेय एवं कोषाध्यक्ष राकेश तिवारी की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही। समाज के प्रतिनिधियों ने स्पष्ट रूप से कहा कि यदि बिना ठोस जांच के किसी विद्यार्थी या प्राध्यापक के विरुद्ध कार्रवाई की जाती है, तो इससे शैक्षणिक वातावरण प्रभावित होगा और भय का माहौल बनेगा।
इस अवसर पर समाज के वरिष्ठ एवं सक्रिय सदस्यों में सुनील शर्मा, सुशीला तिवारी, पुष्पेन्द्र बाजपेयी, कमल तिवारी, अशुतोष शर्मा, हरीश चौबे, जितेन्द्र तिवारी, राजा तिवारी, अरुण तिवारी, मधुराज शर्मा एवं संजू तिवारी उपस्थित रहे।
जिला ब्राह्मण समाज धमतरी ने मांग की है कि यूजीसी के नए नियमों में संशोधन कर सभी वर्गों के विद्यार्थियों और प्राध्यापकों को समान अधिकार, निष्पक्ष सुनवाई एवं अपना पक्ष रखने का पूरा अवसर दिया जाए। समाज ने सरकार से आग्रह किया है कि दोष सिद्ध होने पर ही कार्रवाई का प्रावधान सुनिश्चित किया जाए, ताकि निराधार आरोपों से किसी भी निर्दोष व्यक्ति को मानसिक, सामाजिक एवं शैक्षणिक नुकसान न हो।

Author Desk

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