छत्तीसगढ़

शिक्षा विभाग की गरिमा पर सवाल : वायरल वीडियो से मचा हड़कंप, अभाविप ने सौंपा ज्ञापन, 5 दिन में कार्रवाई नहीं तो आंदोलन की चेतावनी


मनेन्द्रगढ़(प्रखर) जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय, मनेन्द्रगढ़ से जुड़ा एक वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने पूरे शिक्षा विभाग की कार्यशैली और अनुशासन पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिया है। वायरल वीडियो में कार्यालय का एक कर्मचारी टेबल पर पैर रखकर मोबाइल चलाते हुए दिखाई दे रहा है। यह दृश्य न केवल शासकीय सेवा नियमों के विरुद्ध है, बल्कि शिक्षा जैसे संवेदनशील विभाग की गरिमा को भी ठेस पहुँचाने वाला है।
इस मामले को गंभीरता से लेते हुए अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) मनेन्द्रगढ़ इकाई ने जिला शिक्षा अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर कड़ा विरोध दर्ज कराया। ज्ञापन में कहा गया कि शासकीय कार्यालयों में इस प्रकार का गैर-जिम्मेदाराना आचरण किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। ऐसे कृत्य से आम जनता में शिक्षा विभाग की छवि धूमिल होती है और विद्यार्थियों के भविष्य से जुड़े संस्थानों की विश्वसनीयता पर भी असर पड़ता है।
अभाविप ने मांग की है कि वायरल वीडियो की निष्पक्ष एवं समयबद्ध जांच कर दोषी कर्मचारी के विरुद्ध सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए। साथ ही भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए कर्मचारियों को व्यवहार, अनुशासन एवं कार्य-संस्कृति से संबंधित विशेष प्रशिक्षण दिए जाएँ।
इस अवसर पर नगर मंत्री बिजेन्द्र मिश्रा ने कहा कि शिक्षा के साथ किसी भी प्रकार का समझौता विद्यार्थी परिषद बर्दाश्त नहीं करेगी। यदि 5 दिनों के भीतर प्रशासन द्वारा ठोस कार्रवाई नहीं की जाती है, तो अभाविप उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होगी, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी जिला शिक्षा प्रशासन एवं जिला प्रशासन की होगी।
नगर सहमंत्री महेश कौशिक ने कहा कि “छात्र शक्ति ही राष्ट्र शक्ति है। जब शिक्षा से जुड़े कार्यालयों में ही लापरवाही और अनुशासनहीनता देखने को मिलेगी, तो छात्रों का भविष्य कैसे सुरक्षित रहेगा?” उन्होंने इसे केवल एक कार्यालय या जिले का नहीं, बल्कि पूरे प्रशासनिक तंत्र से जुड़ा गंभीर विषय बताया।
ज्ञापन सौंपने के दौरान जिला संयोजक बलवीर पुशाम, नगर सहमंत्री देव कुमार, सबिता चक्रधारी, महाविद्यालय प्रमुख राजबली सिंह, नगर खेलों भारत प्रमुख अमन जायसवाल, नगर कार्यकारिणी सदस्य मनोज तिवारी, मोनित, शिवम, पूर्व नगर सहमंत्री राज नामदेव सहित बड़ी संख्या में अभाविप कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
अभाविप कार्यकर्ताओं ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि शिक्षा से जुड़े कार्यालयों में अनुशासन, मर्यादा और जवाबदेही अनिवार्य है। किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनुशासनहीनता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और आवश्यकता पड़ी तो संगठन सड़क से लेकर कार्यालय तक संघर्ष करेगा।

Author Desk

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button