आईवीयूएस गाइडेड एंजियोप्लास्टी : सटीक हृदय उपचार की नई पहचान, आईएलएस हॉस्पिटल्स रायपुर में जटिल केस का सफल उपचार

रायपुर(प्रखर) हृदय रोगों के उपचार में आधुनिक तकनीक का प्रभावी उपयोग करते हुए आईएलएस हॉस्पिटल्स, रायपुर ने एक जटिल हृदय रोगी का सफलतापूर्वक उपचार कर नई मिसाल कायम की है। जबलपुर निवासी 68 वर्षीय मरीज, जो लंबे समय से सीने में दर्द, थकान और अनियंत्रित डायबिटीज की समस्या से जूझ रहे थे, को आईवीयूएस (Intravascular Ultrasound) गाइडेड एंजियोप्लास्टी के माध्यम से नया जीवन मिला।
मरीज को पिछले कुछ महीनों से लगातार सीने में भारीपन और दर्द की शिकायत थी। धीरे-धीरे उनकी स्थिति ऐसी हो गई कि सामान्य चलना-फिरना भी कठिन हो गया। डायबिटीज लंबे समय से अनियंत्रित थी, जिससे हृदय संबंधी जोखिम और बढ़ गया था। कई चिकित्सकीय परामर्श के बावजूद राहत नहीं मिल रही थी। अंततः रायपुर में रहने वाले परिजनों की सलाह पर उन्होंने आईएलएस हॉस्पिटल्स में वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. कुनाल ओस्टवाल से संपर्क किया।
डॉ. ओस्टवाल के मार्गदर्शन में पहले मरीज की शुगर को दवाओं और समुचित उपचार से नियंत्रित किया गया। विस्तृत जांच के दौरान संकेत मिले कि मरीज को हल्का हार्ट अटैक आ चुका है। तत्पश्चात की गई एंजियोग्राफी में लेफ्ट मेन कोरोनरी आर्टरी और एलएडी (LAD) के प्रारंभिक हिस्से में गंभीर ब्लॉकेज पाया गया। यह स्थिति अत्यंत संवेदनशील मानी जाती है, क्योंकि यह हृदय के बड़े हिस्से को रक्त आपूर्ति करने वाली मुख्य धमनियों में अवरोध से संबंधित थी।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए आईवीयूएस गाइडेड एंजियोप्लास्टी की योजना बनाई गई। आईवीयूएस एक उन्नत इमेजिंग तकनीक है, जो रक्त वाहिकाओं के भीतर की सटीक तस्वीर प्रदान करती है। इस जांच में एलएडी के प्रारंभिक भाग में 360 डिग्री तक कठोर कैल्शियम जमा (हेवी कैल्सिफिकेशन) पाया गया, जिससे सामान्य एंजियोप्लास्टी चुनौतीपूर्ण हो सकती थी। विशेष तकनीकों की मदद से पहले सख्त प्लाक को तैयार किया गया, ताकि स्टेंट सही ढंग से स्थापित किया जा सके। आईवीयूएस के माध्यम से रक्त वाहिका के वास्तविक आकार, प्लाक की संरचना और स्टेंट की सटीक स्थिति की पुष्टि की गई। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया गया कि सर्कमफ्लेक्स आर्टरी पर किसी प्रकार का प्रतिकूल प्रभाव न पड़े। पूरी प्रक्रिया अत्यंत सावधानी और सटीकता के साथ संपन्न की गई।
सफल उपचार के बाद मरीज की स्थिति में तेजी से सुधार हुआ और कुछ ही दिनों में उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। वर्तमान में वे बिना किसी परेशानी के सामान्य जीवन व्यतीत कर रहे हैं।
आईएलएस हॉस्पिटल्स, रायपुर में डॉ. कुनाल ओस्टवाल के नेतृत्व में अत्याधुनिक आईवीयूएस आधारित कोरोनरी इमेजिंग एवं इंटरवेंशन कार्यक्रम प्रारंभ किया गया है। इस तकनीक के माध्यम से जटिल और उच्च जोखिम वाले मामलों में भी अधिक सटीक, सुरक्षित और प्रभावी उपचार संभव हो पा रहा है। इससे रायपुर सहित पूरे छत्तीसगढ़ और आसपास के क्षेत्रों के मरीजों को महानगरों जैसी उन्नत हृदय चिकित्सा सुविधा स्थानीय स्तर पर उपलब्ध हो रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि आईवीयूएस जैसी आधुनिक तकनीकें भविष्य में हृदय रोग उपचार की दिशा और गुणवत्ता दोनों को नई ऊंचाई देंगी, जिससे जटिल मामलों में भी सफलता की संभावना बढ़ेगी और मरीजों की जीवन गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार होगा।



