पैक्स सिलिका में शामिल हुआ भारत, टेक्नोलॉजी, व्यापार और राष्ट्रीय सुरक्षा तीनों को फायदा होगा

पैक्स सिलिका में शामिल हुआ भारत, टेक्नोलॉजी, व्यापार और राष्ट्रीय सुरक्षा तीनों को फायदा होगा
नई दिल्ली। भारत ने अमेरिका की अगुवाई वाली पहल पैक्स सिलिका में शामिल होने के लिए हस्ताक्षर किए हैं। यह पहल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और सप्लाई चेन (आपूर्ति श्रृंखला) सुरक्षा को मजबूत करने के लिए बनाई गई है। यह कदम भारत की उभरती एआई क्षमता, विशाल इंजीनियरिंग टैलेंट और सेमीकंडक्टर महत्वाकांक्षाओं को वैश्विक स्तर पर मान्यता दिलाता है। अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने कहा कि भारत का शामिल होना, 21वीं सदी की आर्थिक और तकनीकी व्यवस्था को परिभाषित करने वाले गठबंधन का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
वहीं इस हस्ताक्षर के बाद ट्रंप सरकार में मंत्री जैकब हेलबर्ग ने कहा, पैक्स सिलिका इस बात की घोषणा है कि भविष्य उन्हीं का है जो निर्माण करते हैं और जब स्वतंत्र लोग एकजुट होते हैं। भारत का इस गठबंधन में शामिल होना अमेरिका के साथ रणनीतिक साझेदारी को नई ऊंचाई देता है, खासकर ऐसे समय में जब दोनों देशों के बीच हाल ही में व्यापार समझौतों ने संबंधों को मजबूती प्रदान की है। इससे पहले कुछ टैरिफ विवादों के बावजूद, यह कदम द्विपक्षीय संबंधों में सकारात्मक रीसेट का संकेत है।
प्रधानमंत्री मोदी और प्रिंस एलोइस के बीच द्विपक्षीय बैठक
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हैदराबाद हाउस में लिकटेंस्टीन के प्रिंस एलोइस के साथ द्विपक्षीय बैठक की। इस दौरान दोनों नेताओं ने आपसी संबंधों को मजबूत करने और विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के मुद्दों पर चर्चा की। भारत और लिकटेंस्टीन के बीच राजनयिक संबंधों की स्थापना वर्ष 1993 में हुई थी, जिसमें स्विट्जरलैंड में भारत के राजदूत को लिकटेंस्टीन में समवर्ती मान्यता प्राप्त राजदूत के रूप में नियुक्त किया गया। विदेश मंत्रालय के आधिकारिक बयान के अनुसार, वर्ष 2023 में दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंधों की स्थापना के 30 वर्ष पूरे हुए।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता और डीपटेक क्षेत्र के प्रमुख स्टार्टअप्स के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों से मुलाकात कर उभरती तकनीकों और नवाचार पर विस्तृत चर्चा की। बैठक में हेल्थकेयर, साइबर सिक्योरिटी, स्पेस टेक्नोलॉजी सहित विभिन्न क्षेत्रों में काम कर रहे स्टार्टअप्स के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।



