ठेकेदार की लापरवाही से मकई चौक में गहराया जल संकट, निगम की त्वरित कार्रवाई से बहाल हुई पेयजल आपूर्ति

धमतरी(प्रखर) शहर के व्यस्ततम क्षेत्रों में शुमार मकई चौक में उस समय अफरा-तफरी की स्थिति निर्मित हो गई, जब निर्माण कार्य के दौरान ठेकेदार की लापरवाही से मुख्य पेयजल पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो गई। पाइपलाइन टूटने के कारण मकई चौक सहित आसपास के मोहल्लों में अचानक जल आपूर्ति ठप हो गई, जिससे व्यापारियों और स्थानीय रहवासियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, क्षेत्र में चल रहे निर्माण कार्य के दौरान बिना पर्याप्त सतर्कता बरते खुदाई की जा रही थी। इसी दौरान भूमिगत मुख्य पाइपलाइन को नुकसान पहुंचा, जिसके चलते बड़ी मात्रा में पानी सड़क पर बहने लगा और कुछ ही समय में पूरे क्षेत्र की सप्लाई बाधित हो गई। सुबह से पानी नहीं आने के कारण दुकानदारों को अपने प्रतिष्ठान संचालित करने में कठिनाई हुई, वहीं घरों में भी पेयजल और अन्य दैनिक कार्य प्रभावित रहे।
जल संकट की सूचना मिलते ही नगर निगम की टीम तत्काल मौके पर पहुंची। निगम के जल विभाग के कर्मचारी आवश्यक उपकरणों के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और क्षतिग्रस्त पाइपलाइन की पहचान कर मरम्मत कार्य शुरू किया। मरम्मत के दौरान कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित रहा, लेकिन टीम ने तेजी से काम करते हुए पाइपलाइन को दुरुस्त किया और शाम तक जल आपूर्ति पुनः बहाल कर दी।
जल विभाग के प्रभारी अखिलेश सोनकर ने स्वयं स्थल पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और मरम्मत कार्य की निगरानी की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि भविष्य में निर्माण कार्यों के दौरान भूमिगत पाइपलाइन और अन्य सार्वजनिक सुविधाओं की जानकारी लेकर ही कार्य किया जाए, ताकि इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। उन्होंने कहा कि आम नागरिकों को असुविधा पहुंचाने वाली किसी भी लापरवाही को गंभीरता से लिया जाएगा।
नगर निगम ने संबंधित ठेकेदार को कड़ी चेतावनी जारी करते हुए भविष्य में सावधानी बरतने के सख्त निर्देश दिए हैं। निगम प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि दोबारा ऐसी लापरवाही सामने आती है तो नियमानुसार दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
जल आपूर्ति बहाल होने के बाद क्षेत्रवासियों ने राहत की सांस ली। स्थानीय नागरिकों ने निगम की त्वरित कार्रवाई की सराहना करते हुए मांग की है कि निर्माण कार्यों की निगरानी और सख्ती से की जाए, ताकि शहर में बुनियादी सुविधाएं प्रभावित न हो



