अफगानिस्तान-पाकिस्तान बॉर्डर पर जंग, दोनों ओर से भीषण बमबारी, पाकिस्तान ने किया खुले युद्ध का ऐलान, अफगानिस्तान ने मार गिराए एफ-16 लड़ाकू विमान

अफगानिस्तान-पाकिस्तान बॉर्डर पर जंग, दोनों ओर से भीषण बमबारी, पाकिस्तान ने किया खुले युद्ध का ऐलान, अफगानिस्तान ने मार गिराए एफ-16 लड़ाकू विमान
काबुल। अफगानिस्तान के मिलिट्री ठिकानों पर देर रात के बाद एयरस्ट्राइक कर पाकिस्तान ने खुले युद्ध का ऐलान कर दिया है। पाकिस्तान के रक्षामंत्री ख्वाजा आसिफ ने अपने एक एक्स पोस्ट के माध्यम से अफगानिस्तान के खिलाफ खुले युद्ध का ऐलान किया है। अफगानिस्तान-पाकिस्तान के तोरखम बॉर्डर पर दोनों देशों के बीच भीषण गोलीबारी और बमबारी जारी है। शुक्रवार सुबह से ही सीमा पर अफगानिस्तान की तरफ से गोलाबारी की आवाजें सुनी गईं, जिसके बाद झड़पें फिर से शुरू हो गईं। इस लड़ाई में सीमा के पास बने ओमारी कैंप को भी निशाना बनाया गया, जिससे लोग अपनी जान बचाने के लिए भागने लगे। एक चश्मदीद के मुताबिक, हमले में कई बच्चे और महिलाएं घायल हुई हैं।
ख्वाजा आसिफ ने अफगानिस्तान पर लगाया भारत का प्रॉक्सी होने का आरोप
पाकिस्तान के रक्षामंत्री ख्वाजा आसिफ ने आगे अपने एक्स पोस्ट पर लिखा, ” नाटो बलों की वापसी के बाद यह उम्मीद थी कि अफगानिस्तान में शांति आएगी और तालिबान का फोकस अफगान लोगों और क्षेत्रीय शांति पर होगा। मगर तालिबान ने अफगानिस्तान को भारत की कालोनी बना दिया। उन्होंने दुनियाभर के आतंकवादियों को अफगानिस्तान में इक_ा किया और आतंकवाद का निर्यात करना शुरू कर दिया। उन्होंने अपने ही लोगों को बुनियादी सुविधाओं से वंचित कर दिया। उन्होंने महिलाओं को वे अधिकार छीन लिए जो इस्लाम ने उन्हें दिए हैं। पाकिस्तान ने प्रत्यक्ष रूप से और मित्र देशों के माध्यम से स्थिति को सामान्य रखने के लिए हर संभव प्रयास किया। उसने पूर्ण कूटनीति की। लेकिन तालिबान भारत का प्रॉक्सी बन गया।
आसिफ बोले अब होगा दमादम मस्त कलंदर
ख्वाजा ने अपनी पोस्ट में आगे लिखा, “आज जब पाकिस्तान पर आक्रामकता से निशाना बनाने की कोशिशें की जा रही हैं… अल्हम्दुलिल्लाह, हमारी सेनाएं इस समय निर्णायक जवाब दे रही हैं। अतीत में पाकिस्तान की भूमिका सकारात्मक रही है। उसने 50 वर्षों तक 50 लाख अफग़़ानों को शरण दी है। आज भी लाखों अफग़़ान हमारी धरती पर अपना गुज़ारा कमा रहे हैं। हमारे सब्र का प्याला भर चुका है। अब हमारे और आपके बीच खुला युद्ध है। अब “दमादम मस्त कलंदर” होगा। पाकिस्तान की सेना समुद्र पार से नहीं आई है। हम आपके पड़ोसी हैं; हम आपके अंदर-बाहर का जानते हैं। अल्लाहु अकबर। ”
ईरान ने की मध्यस्थता की पेशकश
पाकिस्तान-अफगानिस्तान के बढ़ते तनाव के बीच ईरान ने इस्लामाबाद और काबुल के बीच बातचीत को सुविधाजनक बनाने में मदद की पेशकश की है। एक्स पर एक पोस्ट में ईरानी विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने कहा, ‘रमजान के पवित्र महीने में, जो आत्मसंयम और एकजुटता को मजबूत करने का महीना है, यह उचित है कि अफगानिस्तान और पाकिस्तान अच्छे पड़ोसी संबंधों के ढांचे के भीतर और संवाद के मार्ग के माध्यम से अपने मौजूदा मतभेदों का प्रबंधन और समाधान करें। अराघची ने आगे कहा, इस्लामिक गणराज्य ईरान दोनों देशों के बीच संवाद को सुगम बनाने और समझ और सहयोग को मजबूत करने में किसी भी प्रकार की सहायता प्रदान करने के लिए तैयार है।’ पिछले साल कतर ने दोनों पड़ोसी देशों के बीच युद्धविराम कराने में मध्यस्थता की थी, और सीमा पर छिटपुट उल्लंघन की घटनाओं के बावजूद यह व्यवस्था काफी हद तक कायम रही।



