छत्तीसगढ़

धमतरी जिले के होनहार बेटे डायमंड सिंह ध्रुव ने UPSC में हासिल की सफलता, 623वीं रैंक के साथ बढ़ाया जिले का मान


धमतरी। जिले के लिए गर्व और सम्मान की बात है कि एक युवा अधिकारी डायमंड सिंह ध्रुव ने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा में सफलता हासिल कर धमतरी सहित पूरे छत्तीसगढ़ का नाम रोशन किया है। वर्तमान में डायमंड सिंह ध्रुव छत्तीसगढ़ पुलिस विभाग में डीएसपी के पद पर पदस्थ हैं और उन्होंने वर्ष 2024 में CGPSC परीक्षा उत्तीर्ण कर यह जिम्मेदारी प्राप्त की थी। शुक्रवार को घोषित यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा परिणाम में उन्होंने 623वीं रैंक हासिल की है।
डायमंड सिंह ध्रुव मूल रूप से मगरलोड विकासखंड के ग्राम परसवानी के निवासी हैं। वे स्वर्गीय बलराम सिंह के पुत्र हैं। उनके पिता मगरलोड जनपद पंचायत में करारोपण अधिकारी के पद पर कार्यरत थे, जबकि उनकी माता एक शासकीय विद्यालय में शिक्षिका के रूप में सेवाएं दे रही हैं। एक साधारण परिवार से आने वाले डायमंड सिंह ध्रुव बचपन से ही पढ़ाई में बेहद मेधावी और अनुशासित रहे हैं।
उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा शिशु मंदिर मगरलोड से प्राप्त की। इसके बाद हाई स्कूल की पढ़ाई रेडियंट पब्लिक स्कूल, माना से पूरी की। छात्र जीवन के दौरान ही उनके मन में प्रशासनिक सेवा में जाने का सपना आकार लेने लगा था। उसी लक्ष्य को लेकर उन्होंने निरंतर मेहनत, लगन और अनुशासन के साथ अपनी पढ़ाई जारी रखी।
महज 25 वर्ष की आयु में डायमंड सिंह ध्रुव ने पहली ही कोशिश में CGPSC परीक्षा में शानदार सफलता हासिल की थी। इस परीक्षा में उन्होंने 13वीं रैंक प्राप्त की और डीएसपी कैटेगरी में तीसरा स्थान हासिल किया। उनकी इस उपलब्धि ने न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे क्षेत्र को गौरवान्वित किया।
CGPSC में सफलता प्राप्त करने के बाद भी उन्होंने अपने लक्ष्य को सीमित नहीं रखा और देश की सबसे कठिन मानी जाने वाली UPSC सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी में जुट गए। इसके लिए वे दिल्ली में रहकर करीब ढाई वर्षों तक लगातार अध्ययन करते रहे। खास बात यह रही कि उन्होंने किसी भी कोचिंग या एकेडमी की मदद नहीं ली, बल्कि स्वयं अध्ययन, कड़ी मेहनत और अनुशासन के बल पर यह उपलब्धि हासिल की।
यूपीएससी परीक्षा में उन्हें 623वीं रैंक प्राप्त हुई है। कैटेगरी के आधार पर उन्हें भारतीय पुलिस सेवा (IPS) मिलने की संभावना जताई जा रही है।
डायमंड सिंह ध्रुव की इस सफलता से धमतरी जिले सहित पूरे क्षेत्र में खुशी और गर्व का माहौल है। स्थानीय लोगों, शिक्षकों और परिचितों का कहना है कि डायमंड हमेशा से मेहनती, शांत स्वभाव और अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहे हैं। उनके पिता का सपना था कि उनका बेटा देश की सेवा करे, जिसे डायमंड सिंह ध्रुव ने अपनी मेहनत, संघर्ष और दृढ़ संकल्प से सच कर दिखाया।
उनकी यह उपलब्धि जिले के युवाओं के लिए भी एक प्रेरणा बनकर सामने आई है, जो यह संदेश देती है कि कठिन परिश्रम, आत्मविश्वास और लक्ष्य के प्रति समर्पण से किसी भी मुकाम को हासिल किया जा सकता है।

Author Desk

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