वनमंत्री केदार कश्यप ने ठेमली आईलैंड का किया निरीक्षण, पर्यटन विकास कार्यों की समीक्षा

धमतरी(प्रखर)जिले के प्रसिद्ध पंडित रविशंकर जलाशय (गंगरेल बांध) स्थित पर्यटन स्थल ठेमली आईलैंड का आज प्रदेश के वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप ने निरीक्षण किया। मंत्री बोट के माध्यम से ठेमली आईलैंड पहुंचे और वहां चल रहे पर्यटन विकास कार्यों का जायजा लेते हुए अधिकारियों से प्रगति की जानकारी ली तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान मंत्री ने कहा कि ठेमली आईलैंड प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर स्थान है और इसे पर्यटन के लिहाज से विकसित करते समय पर्यावरण संरक्षण और जैव विविधता का विशेष ध्यान रखना जरूरी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि निर्माण कार्यों के दौरान क्षेत्र के प्राकृतिक स्वरूप को बनाए रखते हुए पर्यटकों के लिए सुरक्षित और आकर्षक सुविधाएं विकसित की जाएं।
इस अवसर पर कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने ठेमली आईलैंड में प्रस्तावित पर्यटन विकास कार्यों की जानकारी देते हुए बताया कि पर्यटकों की सुविधा के लिए पाथवे निर्माण, व्यू प्वाइंट, वॉच टॉवर और अन्य आधारभूत सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। इन कार्यों के पूरा होने से क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
वनमण्डलाधिकारी कृष्ण जाधव ने बताया कि परियोजना में ईको-टूरिज्म की अवधारणा को ध्यान में रखते हुए योजनाएं तैयार की गई हैं, जिससे पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ क्षेत्र के विकास को भी गति मिलेगी।
निरीक्षण के दौरान औषधि पादप बोर्ड के अध्यक्ष विकास मरकाम, प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्य प्राणी/विकास योजना) अरुण पांडे सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि ठेमली आईलैंड को सुनियोजित तरीके से विकसित कर इसे प्रदेश के प्रमुख ईको-टूरिज्म स्थलों में शामिल करने का प्रयास किया जाएगा, जिससे आने वाले समय में यह स्थान पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगा और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।



