फारूक अब्दुल्ला की कनपटी से सटाकर पिस्टल से फायरिंग, जान लेने की कोशिश, एनएसजी कमांडो ने हमला किया नाकाम

फारूक अब्दुल्ला की कनपटी से सटाकर पिस्टल से फायरिंग, जान लेने की कोशिश, एनएसजी कमांडो ने हमला किया नाकाम
श्रीनगर। नेशनल कॉन्फ्रेंस के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व सीएम डॉ. फारूक पर फायरिंग कर जान लेने की कोशिश की गई। हालांकि हमले में वो बाल-बाल बच गए। हमलावर कड़ी सुरक्षा के बीच कनपटी से सटाकर गोली चलाने वाला ही था कि एनएसजी के कमांडो ने उसे धक्का दे दिया। लडख़ड़ाकर गिरने से हमलावर निशाना चूक गया। हमला उस वक्त हुआ जब वे जम्मू के ग्रेटर कैलाश स्थित रॉयल पार्क में एक शादी समारोह में शिरकत करने के बाद उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी के साथ वापस लौट रहे थे। जम्मू के पुरानी मंडी निवासी हमलावर कमल सिंह जम्वाल को मौके पर ही दबोच लिया गया।
यह था पूरा घटनाक्रम :
डॉ. फारूक अब्दुल्ला, डिप्टी सीएम सुरिंदर चौधरी और मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के सलाहकार नासिर असलम वानी के साथ ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित एक वैवाहिक कार्यक्रम में शामिल होने गए थे। समारोह में शिरकत करने के बाद दोनों नेता बाहर निकलकर गाडिय़ों की तरफ जा रहे थे। इसी दौरान कड़ी सुरक्षा के बीच हमलावर डॉ. फारूक के बेहद करीब पहुंच गया और अपनी लाइसेंसी पिस्टल निकाल ली। वह डॉ. फारूक की कनपटी से सटाकर गोली दागने ही वाला था कि एनएसजी कमांडो ने आरोपी को धक्का दिया जिससे वह लडख़ड़ाकर गिरा और उसका निशाना चूक गया। अचानक हुई फायरिंग से शादी समारोह में चीख-पुकार मच गई। सुरक्षाकर्मियों ने हमलावर को दबोचकर पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने हत्या के प्रयास सहित कई गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज की है। घटना पर नेकां व अन्य दलों की ओर से कड़ी प्रतिक्रिया दी गई है।
जेड प्लस और एनएसजी का सुरक्षा घेरा तोडक़र कैसे पहुंचा करीब : उमर
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि अल्लाह मेहरबान है। मेरे पिता बाल-बाल बचे। अभी तक जो पता चला है उसके अनुसार लोडेड पिस्टल के साथ एक आदमी पॉइंट ब्लैंक रेंज (सटाकर) से गोली चलाने में कामयाब रहा। सिर्फ करीबी सुरक्षा घेरे ने पिता को बचाया। इस समय जवाबों से अधिक सवाल हैं। सबसे बड़ा सवाल यही है यही कि कोई जेड प्लस एनएसजी के घेरे को तोडक़र पूर्व सीएम के करीब कैसे पहुंचा?



