अवैध प्लाटिंग का मामला विधानसभा में गूंजा, विपक्ष का वॉकआउट

विधायक ओंकार साहू ने मंत्री व भाजपा नेताओं पर लगाए मिलीभगत के गंभीर आरोप
रायपुर (प्रखर)अवैध प्लाटिंग और अवैध कॉलोनियों के मुद्दे ने छत्तीसगढ़ की राजनीति में जोरदार हलचल पैदा कर दी है। धमतरी विधायक ओंकार साहू और सिहावा विधायक अम्बिका मरकाम द्वारा विधानसभा में उठाए गए सवाल के बाद मामला तूल पकड़ गया है। सरकार के जवाब से असंतुष्ट कांग्रेस विधायकों ने सदन से बहिर्गमन (वॉकआउट) कर विरोध दर्ज कराया, जिससे राजस्व विभाग में भी हड़कंप की स्थिति बन गई है।
विधानसभा में बहिर्गमन के बाद आयोजित संयुक्त प्रेस वार्ता में नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, विधायक ओंकार साहू और विधायक अम्बिका मरकाम ने राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा सहित भाजपा नेताओं पर मिलीभगत के गंभीर आरोप लगाए।
विधायक ओंकार साहू ने बताया कि उन्होंने विधानसभा में विस्तृत प्रश्न के जरिए धमतरी और कांकेर जिलों में अवैध प्लाटिंग और कॉलोनियों की स्थिति को लेकर सरकार से जानकारी मांगी थी। इसमें शिकायतों की संख्या, खसरों की जांच की स्थिति, लंबित प्रकरणों के कारण, जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका और उनके खिलाफ की गई कार्रवाई जैसे अहम बिंदु शामिल थे।
उन्होंने कहा कि सरकार के जवाब से यह स्पष्ट हुआ है कि बड़ी संख्या में मामलों की जांच अब भी लंबित है, खासकर कांकेर जिले में, जो प्रशासनिक लापरवाही को दर्शाता है।
ओंकार साहू ने आरोप लगाया कि अवैध प्लाटिंग का यह पूरा नेटवर्क राजनीतिक संरक्षण के बिना संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा और भाजपा नेताओं की मिलीभगत के चलते सख्त कार्रवाई के बजाय केवल लीपापोती की जा रही है।
उन्होंने आगे कहा कि समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं होने के कारण अवैध कॉलोनियों का विस्तार तेजी से हुआ है। बिना आवश्यक अनुमति के प्लाटिंग से आम नागरिकों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
विधायक ओंकार साहू और अम्बिका मरकाम ने मांग की कि सभी लंबित मामलों की शीघ्र जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए।
कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार इस गंभीर मुद्दे पर जल्द ठोस कदम नहीं उठाती है, तो पार्टी जनता के हित में व्यापक आंदोलन करेगी।



