ऊर्जा संकट के बीच 21 राज्यों में जरूरत के हिसाब से मिट्टी के तेल की सप्लाई, पेट्रोल पंप पर मिलेगा केरोसिन

सरकार ने नियमों में दी ढील
नई दिल्ली। ऊर्जा संकट के बीच सरकार ने केरोसिन नियमों में ढील दी है। इससे 21 राज्यों में जरूरत के हिसाब से मिट्टी के तेल की सप्लाई की जा सकेगी। यह फैसला ईरान युद्ध के कारण प्रभावित ऊर्जा सप्लाई को देखते हुए लिया गया है। होर्मुज संकट और पश्चिम एशिया में तनाव के कारण एलपीजी सप्लाई पर दबाव बढऩे के बीच सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने केरोसिन यानी मिट्टी के तेल की सप्लाई तेज करने के लिए पेट्रोलियम नियमों में ढील दी है। इसका मकसद है कि लोगों को खाना बनाने और रोशनी के लिए परेशानी न हो और तुरंत वैकल्पिक ईंधन उपलब्ध कराया जा सके।
सरकार ने कहा कि पेट्रोलियम सुरक्षा और लाइसेंस से जुड़े नियम आसान किए गए हैं, ताकि केरोसिन की तेजी से सप्लाई हो सके। 21 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में इसे लागू किया गया है। इसके तहत पेट्रोल पंपों को भी केरोसिन स्टोर और बेचने की अनुमति दी गई है। यह फैसला अस्थायी तौर पर 60 दिनों के लिए लागू रहेगा। सरकार ने इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम जैसे सार्वजनिक क्षेत्र के पंपों को केरोसिन बेचने की अनुमति दी है। हर चयनित पेट्रोल पंप पर 5,000 लीटर तक केरोसिन रखा जा सकेगा। हर जिले में दो पंपों को इसके लिए चुना जा सकता है, ताकि सप्लाई तेजी से लोगों तक पहुंचे।
किन राज्यों में लागू होगा यह फैसला?
यह व्यवस्था दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और गुजरात समेत 21 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में लागू की गई है। खासतौर पर उन इलाकों पर ध्यान दिया गया है, जिन्हें पहले केरोसिन-मुक्त घोषित किया गया था। अब जरूरत के हिसाब से वहां फिर से केरोसिन सप्लाई शुरू की जा रही है। इसमें राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली, चंडीगढ़, हरियाणा, पंजाब, दादरा और नागर हवेली-दमन और दीव, पुदुचेरी, आंध्र प्रदेश, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, गोवा, गुजरात, उत्तराखंड, लक्षद्वीप, जम्मू और कश्मीर, लद्दाख, तेलंगाना, हिमाचल प्रदेश, नागालैंड, मध्य प्रदेश, सिक्किम।



