प्रदेश में 2 चरणों में पूरी होगी जनगणना, 62,500 कर्मचारी करेंगे घर-घर सर्वे, पूछेंगे 33 सवाल

प्रदेश में 2 चरणों में पूरी होगी जनगणना, 62,500 कर्मचारी करेंगे घर-घर सर्वे, पूछेंगे 33 सवाल
रायपुर। आगामी जनगणना को लेकर छत्तीसगढ़ गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव मनोज कुमार पिंगुआ और छत्तीसगढ़ जनगणना कार्य निदेशक कार्तिकेय गोयल ने पत्रकार वार्ता कर विस्तृत जानकारी दी। मनोज कुमार पिंगुआ ने बताया कि राज्य में जनगणना की प्रक्रिया दो चरणों में पूरी की जाएगी। पहला चरण मकान सूचीकरण और मकानों की गणना का होगा, जो 1 मई से 30 मई 2026 तक चलेगा। इसके बाद दूसरा चरण फरवरी 2027 में जनसंख्या गणना के रूप में आयोजित किया जाएगा।
जनगणना के पहले चरण के दौरान घर-घर सर्वे कर लगभग 33 सवाल पूछे जाएंगे, जिनमें मकान की स्थिति, सुविधाएं और परिवार से जुड़ी जानकारी शामिल होगी। यह पूरी प्रक्रिया मोबाइल ऐप के माध्यम से डिजिटल रूप में संपन्न की जाएगी। अधिकारियों ने बताया कि जनगणना कार्य जनगणना अधिनियम 1948 के तहत किया जाएगा और सभी जानकारियां पूरी तरह गोपनीय रखी जाएंगी। किसी भी कानूनी या जांच प्रक्रिया में इन आंकड़ों का उपयोग नहीं किया जाएगा।
बता दें कि इस बार देश में पहली बार जनगणना पूरी तरह डिजिटल तरीके से की जाएगी। नागरिकों को स्वयं ऑनलाइन जानकारी भरने का विकल्प भी मिलेगा। इसके लिए 16 अप्रैल से 30 अप्रैल 2026 तक स्व-गणना की सुविधा उपलब्ध रहेगी, जिसके बाद प्रत्येक व्यक्ति को एसई आईडी जनरेट की जाएगी। इसके बाद प्रगणक घर-घर जाकर जानकारी का सत्यापन करेंगे।
गलत जानकारी देने पर हो सकती है कार्रवाई
इन सभी सवालों की सही जानकारी देना अनिवार्य है। यदि कोई व्यक्ति गलत सूचना देता है या जनगणना कार्य में सहयोग नहीं करता है, तो उस पर कार्रवाई की जा सकती है। जनगणना अधिनियम 1948 के तहत ऐसे मामलों में 1,000 रुपये तक का जुर्माना भी लगाया जा सकता है। इसलिए प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है कि वह सही और पूर्ण जानकारी उपलब्ध कराए।
प्रदेशभर में 62,500 अधिकारी-कर्मचारियों की होगी तैनाती
प्रदेश में जनगणना के लिए व्यापक स्तर पर तैयारी की गई है। लगभग 62,500 अधिकारी-कर्मचारियों की तैनाती की जाएगी, जिनमें 47 जिला जनगणना अधिकारी, 250 जिला स्तरीय अधिकारी, 472 चार्ज अधिकारी, 1,160 मास्टर ट्रेनर, 51,300 प्रगणक और 9,000 पर्यवेक्षक शामिल हैं। राज्य के 33 जिलों, 195 नगरीय निकायों और 252 तहसीलों के साथ-साथ लगभग 19,978 गांवों में सर्वे कार्य किया जाएगा। इसके लिए करीब 49,000 मकान सूचीकरण ब्लॉक बनाए गए हैं। जनगणना से जुड़े सवालों के लिए 16 अप्रैल 2026 से टोल फ्री नंबर 1855 भी जारी किया जाएगा।
दूसरे चरण में की जाएगी जातिगत जनगणना
जनगणना कार्य निदेशक कार्तिकेय गोयल ने बताया कि यह आजादी के बाद की आठवीं जनगणना होगी। उन्होंने कहा कि यह पहली बार होगा जब आम नागरिक स्वयं अपनी जानकारी ऑनलाइन भर सकेंगे। साथ ही उन्होंने बताया कि इस बार जातिगत जनगणना भी शामिल होगी, जो दूसरे चरण में की जाएगी।



