धर्म की नगरी धमतरी में सेवा की मिसाल: प्याऊ घर स्थापित कर राहगीरों व पंछियों के लिए किया शीतल जल का प्रबंध

बेजुबान पंछियों व राहगीरों के लिए घर के बाहर शीतल जल रखने का सर्व समाज प्रयास करें – पुष्पा देवी ठाकुर
धमतरी। भीषण गर्मी के बीच धर्म की नगरी धमतरी में मानव सेवा और जीव दया का सुंदर उदाहरण देखने को मिला। राजपूत क्षत्रिय महासभा उपसमिति धमतरी द्वारा इतवारी बाजार स्थित राम मंदिर एवं काल भैरव मंदिर परिसर में प्याऊ घर स्थापित किया गया है, जहां राहगीरों और आम नागरिकों के लिए स्वच्छ एवं शीतल पेयजल की व्यवस्था की गई है। इस पहल का उद्देश्य गर्मी से परेशान लोगों को राहत देना और समाज में सेवा भावना को बढ़ावा देना है।
रविवार को इस सेवा कार्य के अंतर्गत राजपूत समाज की महिलाओं ने भी बढ़-चढ़कर भाग लिया। महिलाओं द्वारा राहगीरों को शर्बत वितरण कर भीषण गर्मी में राहत पहुंचाने का कार्य किया गया। बड़ी संख्या में लोगों ने इस सेवा का लाभ उठाया और समाज की इस पहल की सराहना की।
इस अवसर पर राजपूत समाज की महिला अध्यक्ष श्रीमती पुष्पा देवी ठाकुर ने कहा कि धमतरी एक धार्मिक और सांस्कृतिक नगरी है, जहां सेवा और परोपकार की परंपरा सदियों से चली आ रही है। उन्होंने कहा कि गर्मी के मौसम में न केवल इंसानों बल्कि बेजुबान पंछियों और पशुओं को भी पानी की अत्यंत आवश्यकता होती है। इसलिए सभी लोगों को अपने घरों के बाहर पक्षियों और पशुओं के लिए भी पानी की व्यवस्था करनी चाहिए।
उन्होंने आगे कहा कि छोटे-छोटे प्रयास भी समाज में बड़ा परिवर्तन ला सकते हैं। यदि प्रत्येक परिवार अपने घर के बाहर एक पात्र में पानी रख दे, तो इससे हजारों पंछियों और जीवों को जीवनदान मिल सकता है। यह कार्य न केवल मानवीय संवेदनाओं को मजबूत करता है बल्कि हमारे संस्कारों और संस्कृति को भी दर्शाता है।
राजपूत क्षत्रिय महासभा उपसमिति धमतरी द्वारा समय-समय पर धार्मिक, सामाजिक एवं लोककल्याणकारी कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। समाज की महिला इकाई विशेष रूप से सेवा कार्यों में सक्रिय रहती है और जरूरतमंदों की सहायता के लिए सदैव आगे रहती है।
इस सेवा कार्यक्रम में रेखा ठाकुर, रागिनी ठाकुर, ममता ठाकुर और माधवी ठाकुर सहित समाज की अनेक महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर सेवा कार्य को सफल बनाया। सभी ने मिलकर राहगीरों को शीतल जल और शर्बत वितरित किया तथा लोगों को भीषण गर्मी में जीव-जंतुओं और पंछियों के लिए पानी की व्यवस्था करने का संदेश दिया।
कार्यक्रम के अंत में समाज के सदस्यों ने यह संकल्प लिया कि आगे भी इसी प्रकार के सेवा कार्य निरंतर किए जाते रहेंगे, ताकि समाज में सेवा, करुणा और सहयोग की भावना को और अधिक मजबूत किया जा सके।



