छत्तीसगढ़

भगवा ध्वज की छांव में आराध्य गरबा 2026 का भव्य समापन, हजारों स्वरों में गूंजा ‘वंदे मातरम्’

अजय चंद्राकर ने पं. राजेश शर्मा के धर्म-संस्कृति संरक्षण और जनसेवा के प्रयासों की सराहना की, बताया ‘धर्मदूत’

भगवा ध्वज की छांव में आराध्य गरबा 2026 का भव्य समापन, हजारों स्वरों में गूंजा ‘वंदे मातरम्’

 

भारत दर्शन की थीम में सजी वीर सपूतों की झांकी, सामाजिक समरसता और राष्ट्रभक्ति का संदेश देकर विदा हुआ आराध्य गरबा

 

अजय चंद्राकर ने पं. राजेश शर्मा के धर्म-संस्कृति संरक्षण और जनसेवा के प्रयासों की सराहना की, बताया ‘धर्मदूत’

 

धमतरी। आस्था, संस्कृति, राष्ट्रभक्ति और सामाजिक समरसता के अद्भुत संगम आराध्य गरबा 2026 का नवमी तिथि पर भव्य एवं भावपूर्ण समापन हुआ। मां भगवती की आराधना से शुरू हुआ नौ दिवसीय आयोजन अंतिम दिन भारत दर्शन की थीम, राष्ट्रनायकों की आकर्षक झांकी, भगवा ध्वजों के बीच सामूहिक गरबा और हजारों लोगों के एक साथ ‘वंदे मातरम्’ के गायन के साथ यादगार बन गया। पूरे आयोजन में गरबा केवल नृत्य नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, सामाजिक एकता और राष्ट्रप्रेम की अभिव्यक्ति बनकर सामने आया।

 

भारत दर्शन की थीम में नजर आए वीर सपूत

समापन दिवस पर गरबा परिसर में कोई छत्रपति शिवाजी महाराज, कोई महाराणा प्रताप, कोई रानी लक्ष्मीबाई, तो कोई भगत सिंह, मंगल पांडे और भारतीय सैनिक के स्वरूप में नजर आया। भारत माता के वीर सपूतों की वेशभूषा में पहुंचे बच्चों, युवाओं और परिवारों ने देश के महापुरुषों के त्याग, संघर्ष और बलिदान को याद किया। आकर्षक प्रस्तुतियों ने परिसर को राष्ट्रभक्ति के रंग में रंग दिया।

 

आयोजक एवं धर्मप्रेमी समाजसेवी पं. राजेश शर्मा ने कहा कि आज हम जिस भारत को देख रहे हैं, उसके निर्माण में महापुरुषों के त्याग और बलिदान का महत्वपूर्ण योगदान है। उनके आदर्शों को याद करना और नई पीढ़ी तक पहुंचाना हम सभी का दायित्व है।

 

भगवा ध्वज के नीचे मां की आराधना, हजारों लोगों ने गाया ‘वंदे मातरम्’

 

समापन समारोह में पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं कुरुद विधायक अजय चंद्राकर मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उनके साथ पूर्व विधायक हर्षद मेहता, पूर्व विधायक एवं भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष रंजना साहू, निगम सभापति नरेंद्र रोहरा, नरेश जसूजा, विजय साहू, विजय मोटवानी सहित अन्य अतिथियों ने सहभागिता की।

 

कार्यक्रम का शुभारंभ अजय चंद्राकर और आयोजक पं. राजेश शर्मा द्वारा मां भगवती के पूजन-अर्चन के साथ हुआ। इसके बाद गरबा का विधिवत शुभारंभ किया गया। भगवा ध्वजों से सजे परिसर में जब हजारों लोगों ने एक स्वर में ‘वंदे मातरम्’ का गायन किया, तो वातावरण राष्ट्रभक्ति और भावनात्मक एकता से सराबोर हो उठा।

 

अजय चंद्राकर ने पं. राजेश शर्मा को बताया ‘धर्मदूत’

 

पूर्व मंत्री एवं वरिष्ठ भाजपा नेता अजय चंद्राकर ने पं. राजेश शर्मा के धर्म, संस्कृति और जनसेवा के प्रति समर्पण की सराहना की। उन्होंने उनके कार्यों को संस्कृति संरक्षण और समाजसेवा से जोड़ते हुए ‘धर्मदूत’ की संज्ञा दी।

 

आराध्य गरबा जैसे धार्मिक-सांस्कृतिक आयोजनों के माध्यम से भारतीय परंपराओं को सहेजने, नई पीढ़ी को संस्कारों से जोड़ने और समाज में एकजुटता का संदेश देने के प्रयासों को सराहा गया। पं. राजेश शर्मा की गतिविधियां धार्मिक आयोजनों के साथ समाजसेवा और जनकल्याण के कार्यों तक भी पहुंचती हैं। ‘सेवा ही संकल्प’ की भावना के साथ विभिन्न वर्गों को जोड़ना और जरूरतमंदों की सहायता करना उनकी कार्यशैली का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

 

अंत्योदय और एकात्म मानववाद की भावना का संदेश

पं. राजेश शर्मा ने कहा कि आराध्य गरबा ऐसा मंच है, जहां समाज के सभी वर्गों के लोग बिना किसी भेदभाव के मां भगवती की आराधना करते हैं और गरबा खेलते हैं। समाज के हर वर्ग की सहभागिता ही इस आयोजन की असली पहचान है।

 

उन्होंने कहा कि अंत्योदय की भावना, समाज के अंतिम व्यक्ति तक सम्मान और सहभागिता पहुंचाने का विचार तथा एकात्म मानववाद का संदेश सामाजिक समरसता को मजबूत करने का मार्ग दिखाते हैं। भारतीय संस्कृति और सनातन परंपराओं के माध्यम से समाज में एकता, सेवा और सहयोग की भावना को बढ़ावा देना आवश्यक है।

 

अजय चंद्राकर के प्रति जताया आभार

 

पं. राजेश शर्मा ने पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं कुरुद विधायक अजय चंद्राकर के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जब भी उन्होंने उन्हें आमंत्रित किया, उन्होंने अपनी व्यस्तताओं के बीच कार्यक्रम में पहुंचने का प्रयास किया। उन्होंने चंद्राकर की समयबद्धता, विभिन्न विषयों पर गहरी जानकारी और विधानसभा में उनकी मुखर भूमिका की सराहना की।

 

पं. राजेश शर्मा ने कहा कि अजय चंद्राकर का अनुभव, कार्यशैली और विकास के प्रति दृष्टिकोण प्रदेश की राजनीति में उन्हें अलग पहचान दिलाता है। कार्यक्रम में उपस्थित होकर आयोजन की गरिमा बढ़ाने के लिए उन्होंने चंद्राकर का धन्यवाद किया।

 

पुरस्कारों की सौगात से खिले प्रतिभागियों के चेहरे

आराध्य गरबा के अंतिम दिवस पर प्रतिभागियों के लिए आकर्षक पुरस्कारों की व्यवस्था की गई। विजेताओं को एलईडी स्मार्ट टीवी, साइकिल, वॉशिंग मशीन, स्मार्ट वॉच, ईयरबड्स और आयरन सहित विभिन्न पुरस्कार प्रदान किए गए। अन्य प्रतिभागियों का उत्साह बढ़ाने के लिए सांत्वना पुरस्कार भी दिए गए।

 

पं. राजेश शर्मा ने विजेताओं को पुरस्कार देकर प्रोत्साहित किया। इस दौरान एक बालक को साइकिल पुरस्कार में मिली तो आयोजक पं. राजेश शर्मा ने बालक को साइकिल पर बैठाकर उत्साह बढ़ाया। यह दृश्य कार्यक्रम में आकर्षण का केंद्र बना और उपस्थित लोगों के चेहरों पर मुस्कान बिखेर गया।

 

सोशल मीडिया पर छाया आराध्य गरबा, रील्स को मिले मिलियन व्यूज

 

पं. राजेश शर्मा द्वारा आयोजित आराध्य गरबा की धूम आयोजन स्थल तक ही सीमित नहीं रही, बल्कि सोशल मीडिया पर भी इसकी व्यापक चर्चा हुई। इंस्टाग्राम पर गरबा से जुड़ी रील्स को मिलियन व्यूज मिले और हजारों लोगों ने इन्हें साझा किया। इससे आयोजन की लोकप्रियता को नई पहचान मिली और शहर के साथ-साथ अन्य क्षेत्रों के लोगों तक भी इसकी झलक पहुंची।

 

‘रामसेतु की गिलहरी की तरह हर योगदान अनमोल’

 

समापन अवसर पर पं. राजेश शर्मा ने आयोजन की सफलता का श्रेय मां भगवती की कृपा और सभी सहयोगियों, प्रतिभागियों, अतिथियों एवं शहरवासियों के स्नेह को दिया। उन्होंने रामसेतु निर्माण में गिलहरी के योगदान का उदाहरण देते हुए कहा कि जिस प्रकार रामसेतु बनाने में गिलहरी की भूमिका भी महत्वपूर्ण थी, उसी प्रकार आराध्य गरबा की सफलता में प्रत्येक व्यक्ति का योगदान अनमोल है।

 

उन्होंने आयोजन समिति के साथ हरदिहा साहू समाज के ग्राउंड संचालक राजेश साहू, कैंटीन एवं फूड कोर्ट संचालक महावर जी, माइक-डीजे व्यवस्था से जुड़े गब्बू डागा एवं डागा साउंड, प्रतिदिन एंकरिंग करने वाले एंकर, फोटोग्राफी में हिमांशु साहू एवं उनकी टीम, एलईडी स्क्रीन व्यवस्था से जुड़े वंश साहेब, सर्फी, महेंद्र साहू, भारी भीड़ के बीच व्यवस्था संभालने वाली बाउंसर टीम, गणेश गवली, प्रतिदिन साफ-सफाई एवं पार्किंग व्यवस्था में जुटे सहयोगियों, रामकुमार साहू तथा हरदिहा साहू समाज की व्यवस्था में सहयोग देने वाले सभी लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया।

उन्होंने विशेष रूप से प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के पत्रकार साथियों का धन्यवाद करते हुए कहा कि मीडिया के सहयोग से आयोजन की जानकारी अधिक से अधिक लोगों तक पहुंची। पं. राजेश शर्मा ने कहा, “मां विंध्यवासिनी, बिलाई माता दाई और अंगारमोती की कृपा तथा लोगों के स्नेह से यह आयोजन इस ऊंचाई तक पहुंचा है। मैं कुछ नहीं करने वाला, राम कराने वाला हैं।” उनके इस कथन में आयोजन को ईश्वर की कृपा और जनसहभागिता का परिणाम मानने का भाव झलका।

 

‘वन मोर’ की मांग पर देर रात तक चला गरबा

 

निर्धारित समापन के बाद भी गरबा प्रेमियों का उत्साह कम नहीं हुआ। देर रात तक लोग आयोजक पं. राजेश शर्मा से बार-बार ‘वन मोर’ की मांग करते रहे। लोगों के आग्रह को स्वीकार करते हुए दोबारा डीजे शुरू कराया गया, जिसके बाद पूरा परिसर एक बार फिर गरबा की उमंग से गूंज उठा।

 

इस दौरान भावुक हुए पं. राजेश शर्मा ने कहा, “यह आप लोगों का कार्यक्रम है। यह आपकी अर्जी नहीं, आपकी मर्जी से चलेगा।” उनके इस कथन पर उपस्थित लोगों ने उत्साहपूर्वक प्रतिक्रिया दी और उनके प्रति समर्थन व्यक्त करते हुए ‘राजेश शर्मा जिंदाबाद’ के नारे लगाए।

 

नौ दिनों की आस्था, संस्कृति और राष्ट्रभक्ति की यादें लेकर विदा हुआ आराध्य गरबा

 

आराध्य गरबा 2026 का समापन केवल नौ दिवसीय सांस्कृतिक आयोजन का समापन नहीं, बल्कि आस्था, राष्ट्रभक्ति, सामाजिक समरसता और जनसहभागिता की यादों को संजोने वाला अवसर बना। भगवा ध्वजों के नीचे मां की आराधना, भारत माता के वीर सपूतों का सम्मान, हजारों स्वरों में गूंजता ‘वंदे मातरम्’, प्रतिभागियों के लिए पुरस्कार और देर रात तक जारी उत्साह ने आयोजन को यादगार बना दिया।

पं. राजेश शर्मा ने सभी गरबा प्रेमियों, अतिथियों, सहयोगियों और शहरवासियों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए आयोजन की सफलता का श्रेय मां भगवती के आशीर्वाद और जनता के स्नेह को दिया। आराध्य गरबा ने एक बार फिर भारतीय संस्कृति, सामाजिक एकता और सेवा-संकल्प का संदेश देते हुए धमतरी में अपनी विशेष पहचान दर्ज कराई।

Author Desk

Related Articles

Back to top button