
रायपुर। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा है कि छत्तीसगढ़ कि कांग्रेस सरकार के व्यवहारिक निर्णयों से छत्तीसगढ़ में विगत 4 वर्षों में युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर मिले। ना केवल स्थाई और नियमित सरकारी नौकरी के अवसर मिले हैं बल्कि नई औद्योगिक नीति 2019 से 2024 के माध्यम से निजी क्षेत्रों में भी छत्तीसगढ़ में रोजगार के अवसर बढ़े हैं। यही कारण है कि रमन सिंह के समय छत्तीसगढ़ में जो बेरोजगारी दर सितंबर 2018 में 20.2 परसेंट थी वह वर्तमान में घटकर 1 प्रतिशत से भी कम है। विगत 10 माह से लगातर छत्तीसगढ़ देशभर में सबसे कम बेरोजगारी दर वाला राज्य बना हुआ है। विगत 4 वर्षों में भूपेश सरकार ने देश के समक्ष आने को कीर्तिमान स्थापित किए हैं। रोजगार के क्षेत्र में यदि हम बात करें तो मनरेगा के तहत शत-प्रतिशत लक्ष्य को पूरा करने वाला राज्य देश में यदि कहीं कोई है तो वह छत्तीसगढ़ हैं।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा है कि 15 साल के कुशासन में रमन सरकार ने न रोजगार दिए ना ही बेरोजगारी भत्ता, जबकि 2003 के घोषणापत्र में भाजपा का वादा था छत्तीसगढ के प्रत्येक आदिवासी परिवार से एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने और प्रत्येक 12वीं पास रोज़गार कार्यालय में पंजीकृत युवा को बेरोजगारी भत्ता देने का। 15 साल सरकार में रहे लेकीन याद नहीं आया, लगातार वादाखिलाफी करते रहे। कांग्रेस सरकार ने तो मुख्य सचिव की अध्यक्षता में रोजगार मिशन का गठन भी किया है। सभी क्षेत्रों में रोजगार के नए-नए अवसर मिल रहे हैं साथ ही जो पात्र युवा है उन्हें बेरोजगारी भत्ता की व्यवस्था भी 1 अप्रैल 23 से बेरोजगारी भत्ता देने की व्यवस्था भी की जा रही है तो भाजपाई अनर्गल बयानबाजी कर रहे हैं।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा है कि देश में आम जनगणना हर 10 वर्ष में कराने की परंपरा रही है लेकिन मोदी सरकार दुर्भावना पूर्वक अपनी नाकामी छुपाने आंकड़े उजागर नहीं होने देना चाहती है। यही कारण है कि एनएसएसओ जो केंद्र सरकार के जैसी है उसके द्वारा विगत 8 वर्षों से किसी भी तरह के बेरोजगारी और महंगाई को लेकर आंकड़े जारी ही नहीं किए जा रहे। हकीकत यह है कि मोदी राज में यदि किसी का विकास हुआ है तो वह महंगाई का विकास है, बेरोजगारी का विकास है, अमीरी और गरीबी के बीच बढ़ती असमानता का विकास है।



