प्रेमचंद की 143 वीं जयंती पर शिक्षकों ने किया नाट्य मंचन
प्रेमचंद की प्रसिद्ध कहानी ‘सद्गति’ एवं ‘पंच परमेश्वर’ का हुआ नाट्यमंचन
सामाजिक असमानता पर चोट करते हुए इंसानियत की सीख देती हैं प्रेमचंद की कहानियाँ

धमतरी- हिन्दी के महानतम कहानीकार प्रेमचंद की 143 वीं जयंती पर उनकी दो चर्चित कहानी ‘सद्गति’ एवं ‘पंच परमेश्वर’ का नाट्य मंचन किया गया। यह नाट्य प्रस्तुति शाश्वत उत्सर्ग यूथ थिएटर ग्रुप, धमतरी के कलाकारों एवं शिक्षकों के द्वारा की गई। जबकि कार्यक्रम का आयोजन समग्र शिक्षा जिला कार्यालय, धमतरी; अज़ीम प्रेमजी फाउंडेशन; धमतरी जिला हिन्दी साहित्य समिति एवं श्रीकृष्ण कला-संगीत महाविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में किया गया था। इस मौके पर 250 से अधिक शिक्षक-शिक्षिकाएँ, 300 से अधिक युवक-युवती एवं किशोरवय उम्र के लोग तथा शहर के दर्जनों बुद्धिजीवी नागरिक उपस्थित हुए।
प्रेमचंद की कहानियाँ में तमाम किस्म की सामाजिक कुरीतियों का बेहद सजीव और यथार्थपरक चित्रण हुआ है। वे समस्याओं से मुंह चुराने के बजाय उसे परत-दर-परत उघारते हैं और समाज को आईना दिखाते हैं। उनकी कहानियाँ एक तरफ तो शोषण के भीतर की बर्बरता और अमानवीयता पर विमर्श रचती हैं वहीं दूसरी तरफ शोषितों को शोषण को समझने की अंतर्दृष्टि विकसित करते हुए उसके विरुद्ध जागरूक करती हैं। उनकी कहानी ‘पंच परमेश्वर’ तमाम किस्म के आग्रह-पूर्वाग्रह एवं निजी राग-द्वेष से ऊपर उठकर न्याय सुनिश्चित करने की बात करती है। सभी के लिए न्याय सुनिश्चित किए बगैर किसी भी सभ्य एवं मानवीय समाज की रचना नहीं हो सकती और न ही सही अर्थों में लोकतंत्र ही सफलीभूत हो सकता है। वहीं ‘सद्गति’ कहानी जातिगत भेदभाव और छूआछूत के मुद्दे पर आधारित है। यह कहानी जाति और वर्ण के कारण भारतीय समाज के एक बड़े हिस्से के साथ की गई क्रूरता को सामने लाती है और इसे खत्म किए जाने को लेकर सोचने को प्रेरित करती है। प्रेमचंद की इन दो बहुचर्चित कहानियों के नाट्य रूपान्तरण को दर्शकों की भरपूर सराहना मिली।
नाट्य मंचन का निर्देशन उच्चतर माध्यमिक शाला मुजगहन के शिक्षक राजकुमार सिन्हा एवं उच्चतर माध्यमिक शाला खरतुली के शिक्षक आकाश गिरि गोस्वामी ने किया। संगीत संयोजन आशीष ने किया। नाट्य मंचन में राजकुमार सिन्हा, आकाश गिरि गोस्वामी, गौतम साहू, वैभव रणसिंह, सोहनलाल साहू, दुष्यंत कुमार सिन्हा, तिलकराम साहू, राजेश गजेन्द्र, देवेन्द्र, निकहत फातिमा, नितेश्वरी नेताम, ओमेश्वरी, ने अलग-अलग पात्रों की भूमिका अदा की।
कार्यक्रम के आरंभ में धमतरी जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी एवं स्वीप जिला नोडल अधिकारी श्रीमती रोक्तिमा यादव ने अपने वक्तव्य में सभी श्रोताओं को मतदाता जागरूकता अभियान से संबन्धित शपथ दिलाते हुए नाट्य मंचन की शुभकामना दी।
कार्यक्रम के प्रारंभ में अतिथियों का स्वागत समग्र शिक्षा जिला कार्यालय सहायक कार्यक्रम समन्वयक नंदकिशोर साहू एवं धमतरी जिला हिन्दी साहित्य समिति के अध्यक्ष डुमन लाल ध्रुव ने किया जबकि संचालन अज़ीम प्रेमजी फाउंडेशन के मुकेश ने किया। विषय प्रवेश अज़ीम प्रेमजी फाउंडेशन के नरेंद्र न किया। नाट्य मंचन में लोकेश प्रजापति, सुनील मैथ्यू, सचिन सोनी, नटवर कनोजे, प्रशांत गिरि गोस्वामी एवं चन्द्र प्रकाश साहू ने अहम भूमिका अदा की। इस मौके पर सीएसएसडीएम के सहायक संचालक शैलेंद्र गुप्ता, बीआरसीसी ललित सिन्हा, अज़ीम प्रेमजी फाउंडेशन के गुलशन, लोकेश, सुनील, राहुल, मुंशी, कंचन, सुहैल सहित शहर के कई प्रमुख बुद्धिजीवी, साहित्यकार, रंगकर्मी एवं युवक-युवतियाँ उपस्थित हुए। इनमें मदन मोहन खंडेलवाल, डॉ. अनंत दीक्षित, डॉ. विजय पंजवानी, एके इंगोले, पुष्पलता इंगोले, आरती कौशिक, कविता योगेश बाबर, कुमेश्वर कुमार सहित कई अन्य प्रमुख तौर पर उपस्थित थे।




