समय आने पर शांति से जो अपनी बात व्यक्त करें, असल में बुद्धिमान वही है : साध्वी शुभंकरा श्रीजी

रायपुर। हमारे भूतकाल की कथा ही हमारी आज की व्यथा है। जिन लोगों ने इतिहास रचा है, आज उन्हें ही याद किया जाता है। हमारे इस दुनिया से जाने के बाद हमें कोई याद करें, ऐसी मंशा मत रखना। भगवान ने कभी नहीं कहा कि मेरा स्मरण करना फिर भी लोग उन्हें हर समय याद करते है। जिनका जीवन सपाट है, कोई उतार-चढ़ाव नहीं है उन्हें कोई उंगलियों में नहीं गिनता। एक सफल ड्राईवर वही है जो आपको ऊंचे-नीची पहाड़ी और घाटियों से पार कराकर आपके गंतव्य स्थान तक सही-सलामत पहुंचा दे। भले ही आप बाजू में बैठकर एक झपकी ले लो, उसकी पीठ थपथपा लो लेकिन योग्य वह है, आप नहीं। गाड़ी में बैठे-बैठे आप उसे दिशा निर्देश तो दे सकते हो लेकिन आप उसके जैसी गाड़ी नहीं चला सकते हैं। आपको लगता है कि आप उसे दिशा निर्देश देंगे तो आप बुद्धिमान कहलाएंगे लेकिन आप बुद्धू होंगे क्योंकि पूरी मेहनत तो वह कर रहा है और दिमाग लगाकर वह गाड़ी चला रहा है। असल में, समय आने पर जो चर्चा करें और शांति से अपनी बात व्यक्त करें वही बुद्धिमान है। बिना वजह अपनी राय रखना उचित नहीं होता, यह केवल समय की बर्बादी है। यह बातें एमजी रोड स्थित जैन दादाबाड़ी प्रांगण में चल रहे मनोहरमय चातुर्मास 2023 की प्रवचन श्रृंखला के दौरान नवकार जपेश्वरी साध्वी शुभंकरा श्रीजी ने कही।



