छत्तीसगढ़राजनीति

कांग्रेस में टिकट को लेकर घमासान के ट्रेलर से प्रदेश की जनता को पूरी पिक्चर का क्लाइमेक्स ही समझ आ गया : भाजपा

रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के विधायक व पूर्व मंत्री द्वय पुन्नूलाल मोहले और डॉ. कृष्णमूर्ति बांधी ने प्रदेश के मंत्री रुद्र गुरु द्वारा नवागढ़ विधानसभा क्षेत्र से की गई कांग्रेस टिकट की दावेदारी और नवागढ़ के कांग्रेस नेता गुरुदयाल बंजारे द्वारा मंत्री की दावेदारी का विरोध किए जाने को लेकर करारा कटाक्ष किया है। पुन्नूलाल मोहले व डॉ. बांधी ने कहा कि कांग्रेस में टिकट को लेकर जब शुरुआत में घमासान का यह ट्रेलर पेश हो रहा है तो प्रदेश की जनता को पूरी पिक्चर का क्लाइमेक्स ही समझ आ चुका है। उन्होंने कहा कि प्रदेश कांग्रेस की सोमवार को होने वाली स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक के टल जाना कांग्रेस के खस्ताहाल होने का ताजातरीन प्रमाण है। यह कमेटी प्रत्याशियों के नामो पर अंतिम मुहर लगाती है, लेकिन अंतर्कलह में उलझी कांग्रेस की स्क्रीनिंग कमेटी भी अब असहाय नजर आ रही है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस में टिकट की दावेदारी को लेकर अंतर्कलह और गुटीय घमासान का जैसा नजारा दिख रहा है, वह साबित कर रहा है कि मुख्यमंत्री ‘भरोसे का सम्मेलन’ करके चाहे जितने सियासी पैंतरे आजमा लें, कांग्रेस में आपस में ही भरोसे की दरिद्रता व्याप्त है। आखिर मंत्री गुरु को अपना क्षेत्र बदलने की नौबत क्यों आई है? जाहिर है, उन्होंने पूरे शासनकाल में कोई काम नहीं किया, इसलिए उन्हें अपने क्षेत्र में चुनाव जीतने का भरोसा नहीं रहा है। इसीलिए कांग्रेस नेता बंजारे को मंत्री रुद्र गुरु पर भरोसा नहीं है! मोहले व डॉ. बांधी ने कहा कि कांग्रेस में हालात ये हो चले हैं कि नेताओं को अपने नेतृत्व, अपनी सरकार, अपने मंत्रियों पर भरोसा नहीं है, नेताओं, मंत्रियों को अपने कार्यकर्ताओं पर रत्तीभर भरोसा नहीं है। जिस कांग्रेस के नेताओं में टिकट बँटने से पहले ही घमासान मचा हुआ है, उस कांग्रेस के नेताओं को अपने आंगन के ये गड्ढे दिख नहीं रहे हैं और भाजपा में गुटबाजी के खयाली पुलाव पकाते अनर्गल प्रलाप कर रहे हैं।

भाजपा विधायकों ने कहा कि आज ऊहापोह और आपसी विश्वास के संकट से उपजी गुटबाजी के सबसे बुरे दौर से कांग्रेस गुजर रही है। भाजपा की टिकट घोषित होने के बाद कांग्रेस में घबराहट फैल गई है। इस गुटबाजी और आपसी खींचतान को मुख्यमंत्री बघेल ने भी आखिरकार जगदलपुर के संकल्प शिविर में स्वीकार किया है। कांग्रेस के पूरे शासनकाल को सत्ता और संगठन में मचे घमासान के लिए ही जाना जाएगा और अब छत्तीसगढ़ में आगामी विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की दुर्गति होनी तय है। प्रदेश की जनता ने तो कांग्रेस की सरकार और मंत्रियों को बदलने की ठान ली है, चाहे कांग्रेस के मंत्री-विधायक क्षेत्र ही क्यों न बदल लें!

Author Desk

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