14 सितम्बर को पोला का त्योहार मनाया जायेगा,18 सितम्बर को हरितालिका तिथि व्रत,19 सितम्बर को श्री गणेश चतुर्थी
धमतरी — विप्र विद्वत परिषद धमतरी ने बताया कि इस वर्ष देवपंचाग के अनुसार भाद्रपद मास कृष्ण पक्ष अमावस्या तिथि 14 सितम्बर को पोला का त्योहार मनाया जायेगा।
विप्र परिषद के अध्यक्ष पंडित अशोक कुमार शास्त्री ने बताया कि भारत देश कृषि प्रधान देश है। यहां कृषि कार्य को अच्छे बनाने हेतु मवेशियों का भी विशेष योगदान है।
भारत एक ऐसा देश है जहां मिट्टी को भगवान का स्वरूप बनना कर मिट्टी की पुजन करते है।
विदित हो कि पोला का त्योहार उन्हीं में से एक है,इस दिन बैल की पुजा की जातीं हैं। पोला के त्योहार को विशेष रूप से छत्तीसगढ़ मध्यप्रदेश महाराष्ट्र मनाया जाता है।
पोला त्योहार में मिट्टी के बैल एवं मिट्टी के खिलावने की भी विशेष पुजा किया जाता है ।परिषद के मिडिया प्रभारी पंडित राजकुमार तिवारी ने बताया की भाद्रपद कृष्ण पक्ष अमावस्या तिथि को पोला का त्योहार मनाया जाता इस वर्ष यह त्योहार 14 सितम्बर गुरूवार को मनाया जाएगा।
इस अमावस्या को पोला अमावस्या एंव पिठोरी अमावस्या भी कहते हैं ।पोला त्योहार में किसान भाई एवं अन्य लोग भी विशेष रूप से बैल की पुजा करते हैं,उस दिन बैल को अच्छे से सजाते हैं अन्य लोग भी मिट्टी से बने बैल एंव पोरा जाता सहित मिट्टी के खिलौने का पुजा अर्चना किया जाता है। परिषद ने बताया कि पोला का त्योहार का नाम एवं भाद्रपद माह कृष्ण पक्ष अमावस्या तिथि को पोला त्योहार क्यों मनाया जाता है इसके पौराणिक गाथाओं के अनुसार एक बार कंस ने कृष्ण को मारने के लिए पुलासुर नामक असुर को भेजा था इसे भी कृष्ण जी ने अपनी लीला के चलते पुलासुर नामक असुर का वध कर सबको भगवान कृष्ण अचंभित कर दिया ।जिस दिन उस असुर का वध किया उस दिन भाद्रपद मास कृष्ण पक्ष अमावस्या तिथि था इसी दिन से यह उक्त माह तिथि के दिन पोला का पर्व मनाया जाता है ।परिषद ने अपील किया है कि उपरोक्त दिये तिथि पर त्योहार को हर्षोल्लास के साथ मनाया जायेगा त्योहार को लेकर भ्रमित न हो।




