छत्तीसगढ़राजनीति

पीएससी विवाद : बृजमोहन अग्रवाल ने सीबीआई जांच की मांग की, कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय ठाकुर ने कहा बिना तथ्य भ्रम फैला रहे भाजपाई

रायपुर। विधानसभा चुनाव के पूर्व पीएससी में चयन को लेकर भाजपा कांग्रेस आमने सामने आ गए हैं। भाजपा से विधायक बृजमोहन अग्रवाल ने राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाकर पीएससी मामले में सीबीआई जांच की मांग की है। वहीँ कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने आरोपों को निराधार बताया है।

पूर्व मंत्री और वरिष्ठ विधायक भाजपा नेता बृजमोहन अग्रवाल ने कांग्रेस की छत्तीसगढ सरकार को राज्य के युवाओं का “कैरियर किलर सरकार” कहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने अपने शासन के 5 साल में हर वर्ग को के साथ धोखा किया है। अग्रवाल ने यह आरोप राज्य सेवा परीक्षा (पीएससी) 2021, राज्य सेवा परीक्षा (पीएससी) 2022, वन सेवा भर्ती परीक्षा और शिक्षक भर्ती में व्यापक भ्रष्टाचार के संदर्भ में कही है। बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि युवा छत्तीसगढ़ और देश का भविष्य हैं। इन युवाओं के कैरियर में 5 साल बहुत होता है, उसे बर्बाद करना देश के साथ गद्दारी है और अक्षम्य अपराध भी। लेकिन कांग्रेस की छत्तीसगढ सरकार ने ऐसा किया है। संविधान की मर्यादाओं को तार-तार कर, 5 साल में पीएससी, व्यापम, पुलिस, शिक्षक भर्ती, फॉरेस्ट में भर्ती और यहां तक की चपरासी की भर्ती में भी घोटाला किया है। बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 315 में पारदर्शी और निष्पक्ष भरतियां करने के लिए “संघ लोक सेवा आयोग” और “राज्य लोक सेवा आयोग” का प्रावधान संविधान निर्माताओं ने किया है। ताकि गरीब, गांव, आदिवासी, दलित, किसान, मजदूर और कमजोर वर्ग का हर योग्य व्यक्ति सरकारी नौकरी पाने में सफल हो सके। बृजमोहन अग्रवाल ने पीएससी घोटाले ,फॉरेस्ट सेवा घोटाला, शिक्षक भर्ती घोटाले की जांच सीबीआई से करने की मांग की है। उन्होंने राज्य सरकार को चुनौती है कि उसमें दम है तो वह ऐसा करके दिखाये।

भाजपा अपनी राजनैतिक रोटी सेकने पीएससी पर झूठे आरोप लगा रही : धनंजय सिंह ठाकुर

प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी के पास सरकार के खिलाफ कोई मुद्दा नहीं है तो भारतीय जनता पार्टी ऐसी संस्थाओं की विश्वसनीयता को संदिग्ध बनाने का षडयंत्र कर रही है। जिन पर प्रदेश के युवाओं को भरोसा है। राज्य लोक सेवा आयोग ऐसी संस्था है जो पढ़े लिखे युवाओं के सपनों को साकार करती है। बिना किसी ठोस आधार के अपनी दूषित कल्पना शीलता के आधार पर पीएससी जैसी संस्थाओं पर सवाल खड़ा किया जाना न सिर्फ निदंनीय है आपत्तिजनक है। यह ऐसा प्रकरण है जिसमें शिकायतकर्ता कोई नहीं है सिर्फ राजनैतिक दल अपनी राजनैतिक रोटी सेक रहा और सीबीआई जांच की मांग कर रहा है।

धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि किसी परीक्षा के प्रश्न पत्र लीक हुये हों। किसी परीक्षार्थी ने लेनदेन की प्रमाणिक शिकायत किया हो। किसी कोचिंग संस्थान के पूर्व अनुमानित प्रश्न पत्रों के सेट से पीएससी के प्रश्न पत्र हू-बहू मिल रहे थे। मेरिट में चयनित अभ्यार्थियों के इन्टरव्यू के नंबर लिखित परीक्षा के अंको में बहुत ज्यादा असमानता नजर आ रही थी। चयन का आधार इंटरव्यू के नंबरों की अधिकता हो। वर्तमान में राज्य लोक सेवा आयोग के परीक्षा परिणामों पर ऐसा कोई भी आरोप नहीं लगा है उसके बावजूद गड़बड़ी के मनगढ़ंत आरोप लगाना भारतीय जनता पार्टी का निम्न स्तरीय हथकंडा है। पीएससी के सफल परीक्षार्थियो की उत्तर पुस्तिका उनकी अंकतालिका पीएससी की वेबसाईट पर सार्वजनिक है। अभ्यर्थी उसको देख सकता है किसी अभ्यर्थी ने कोई भी गड़बड़ी का आरोप नही लगाया है।

धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि भाजपा के पास पीएससी की चयन सूची में गड़बड़ी के आरोपों का आधार क्या है? सिर्फ यही कि पीएससी में नेताओं, अधिकारियों, व्यवसायियों के बच्चो के कुछ नाम चयनित हो गये है। भाजपा को आपत्ति है कि पीएससी में सगे भाई-बहन, पति-पत्नि का चयन कैसे हो गया? जबकि परस्पर रिश्तेदारो का चयन किसी अधिकारी के रिश्तेदारो का चयन या व्यवसायी नेता के रिश्तेदारो का चयन पहली बार नहीं हुआ है और न ही यह अपराध और न ही किसी का रिश्तेदार होना अयोग्यता का पैमाना हो जाता है। भारतीय जनता पार्टी के समय भी 2004 से 2021 तक भी परस्पर सबंधियो के चयन होते रहे है। हम इसकी सूची सार्वजनिक कर चुके है। भाजपा के नेता बिना तथ्यों के आरोप लगा कर भ्रम फैला रहे है।

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