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छत्तीसगढ़ में गौरवशाली पत्रकारिता और उसके उच्च आदर्शों को मिला संरक्षण : मुख्यमंत्री बघेल

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने राजधानी स्थित अपने निवास कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में कौशल्या माता विहार योजना अंतर्गत सेक्टर-12 में 832 एलआईजी बहुमंजिलीय भवनों का वर्चुअल भूमिपूजन किया। आरडीए द्वारा कौशल्या माता विहार योजना में प्रस्तावित बहुमंजिलीय भवन सभी लोगों के लिए आवास की जरूरत पूरा करेगा। इस योजना में मकान लेने के इच्छुक पत्रकारों को मकान खरीदने पर 15 प्रतिशत की छूट मिलेगी।

बहुमंजिलीय भवन निर्माण की योजना में सभी लोगों के साथ-साथ पत्रकारों को आवास उपलब्ध कराने के लिए मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुसार आवश्यक प्रावधान रखा गया है। इस योजना के प्रथम चरण में प्राक्कलन के अनुसार वर्तमान में 309 पत्रकारों को दी जाने वाली छूट की राशि 06 करोड़ 37 लाख 20 हजार 450 रुपए रायपुर विकास प्राधिकरण को स्वीकृत की गई है। जो पत्रकार इस योजना का लाभ उठाने जा रहे हैं, मैं उन सभी को बधाई देता हूं। आप लोगों को यह खुशखबरी भी मिल ही चुकी होगी कि ललित सुरजन संचार प्रतिनिधि आवास ऋण ब्याज अनुदान योजना के अंतर्गत अवेदन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इस योजना के अंतर्गत पत्रकारों को आवास ऋण पर अनुदान दिया जाएगा। 30 लाख रुपए तक के आवास ऋण पर पांच वर्षों तक हर महीने 05 प्रतिशत ब्याज अनुदान दिया जाएगा। यह योजना 01 अप्रैल 2023 के बाद खरीदे गए मकानों पर लागू होगी।

मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि हमारी सरकार के पांच वर्ष पूरे होने वाले हैं, इन पांच वर्षों के दौरान हमारी योजनाओं को मीडिया का भरपूर समर्थन मिला है। आप सभी के सहयोग से ही हमारी सरकार ने बड़ी उपलब्धियां हासिल की है। मैं इसके लिए आप सभी को धन्यवाद कहना चाहता हूँ। इन पांच वर्षों के दौरान शासन और मीडिया ने बहुत अच्छे तालमेल के साथ काम किया है। हमने शासन से मीडिया की अपेक्षाओं को भी पूरा किया है, मीडिया से किए गए वादों को भी निभाया है।
मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि सरकार ने छत्तीसगढ़ की गौरवशाली पत्रकारिता और उसके उच्च आदर्शों को संरक्षण देते रहने की अपनी प्रतिबद्धता जाहिर की थी। इसी के अनुरूप राज्य में पत्रकार सुरक्षा कानून का निर्माण कर विधानसभा में पारित कराया। इस तरह के कानून के निर्माण करने की पहल करने वाला सबसे पहला राज्य छत्तीसगढ़ था।

राज्य शासन द्वारा छत्तीसगढ़ मीडियाकर्मी सुरक्षा अधिनियम 2023 के तहत ‘छत्तीसगढ़ मीडिया स्वतंत्रता, संरक्षण एवं संवर्धन समिति’ का भी गठन कर दिया गया है। शासन ने कोविड में प्राण गंवाने वाले पत्रकारों के परिजनों को 05- 05 लाख रुपए की आर्थिक सहायता देकर उनके दुख में अपनी सहभागिता व्यक्त की। पत्रकारों और उनके परिजनों को बीमारियों के उपचार के लिए पूर्व में 50 हजार रुपए तक की सहायता दी जाती थी, हमारी सरकार ने नियमों में संशोधन करते हुए अब इसे 02 लाख रुपए तक कर दिया है। असामयिक मृत्यु के प्रकरणों में 05 लाख रुपए तक आर्थिक सहायता दिए जाने का प्रावधान किया गया है।

मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि राज्य के वरिष्ठ मीडिया कर्मियों के लिए वरिष्ठ मीडिया कर्मी सम्मान निधि योजना संचालित की जा रही है। इस योजना में पूर्व में सम्मान निधि के रूप में 05 हजार रुपए प्रति माह दिए जाने का प्रावधान था, हमारी सरकार ने इसे बढ़ाकर 10 हजार रुपए प्रति माह कर दिया है। योजना में संशोधन करते हुए अर्हता की आयु 62 वर्ष से घटाकर अब 60 वर्ष कर दी गई है। इस योजना के लिए पात्र मीडियाकर्मी आजीवन लाभ उठा सकेंगे। पत्रकारों को अधिमान्यता प्रदान करने के नियमों में भी संशोधन करते हुए अब विकासखंड स्तरीय अधिमान्यता का भी प्रावधान किया गया है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में जमीनी स्तर पर काम करने वाले पत्रकारों को भी सुविधाओं का लाभ मिलने लगा है। राज्य में नये अधिमान्यता नियमों के अंतर्गत मीडिया संस्थानों में अधिमान्यता कोटा भी दोगुना कर दिया गया है। अब राज्य स्तर से लेकर विकासखंड स्तर तक अधिमान्यता दी जा रही है।

Author Desk

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