
रायपुर। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि मोदी सरकार के सनातन विरोधी पाप पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अरुण साव और रमन सिंह झूठ बोलकर परदेदारी करने का प्रयास कर रहे हैं। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने 10 अक्टूबर को आपत्ति दर्ज कराई फिर मोदी सरकार के सनातन विरोधी कृत्य को ढकने के लिए आनन-फानन में विगत 12 अक्टूबर को सीबीआईसी का भ्रामक ट्वीट आया। यह तो तय है कि केंद्र की मोदी सरकार ने गंगाजल पर 18 प्रतिशत जीएसटी वसूलने का आदेश जारी किया है, जिसके आधार पर सभी डाकघर में गंगाजल पर अतिरिक्त जीएसटी वसूली की गई। सीबीआईसी के ट्वीट से सरकारी आदेश प्रभावशून्य नहीं होते, डाक तार विभाग ने 3 अक्टूबर को जारी आदेश का खंडन नहीं किया है। केवल मीडिया में बयानबाजी करने वाले भाजपाई यह स्पष्ट करे कि मोदी सरकार का डॉक तार विभाग झूठ बोल रहा है, या छत्तीसगढ़ के भाजपाई?
सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि केंद्र की मोदी सरकार देश की पहली और इकलौती सरकार है जिन्होंने सनातन परंपरा में पवित्र गंगाजल पर ही 18 प्रतिशत की जीएसटी लगा दी है। केंद्र सरकार के सूचना प्रसारण मंत्रालय डॉक तार विभाग द्वारा जारी आदेश क्रमांक 11-05/2016 BD&MD के अनुसार डाकघर से विक्रय किए जाने वाले गंगाजल पर टैक्स लगाने का आदेश 3 अक्टूबर 2010 को जारी किया गया है। पूरे देश में 6 अक्टूबर 2023 से डाकघर के माध्यम से बेचे जा रहे गंगाजल पर 18 प्रतिशत अतिरिक्त जीएसटी वसूली गई। रमन सिंह और अरुण साव स्पष्ट करें कि जब ये खंडन कर रहे हैं तो डाकघरों में गंगाजल पर 18 प्रतिशत की दर से वसूली गई जीएसटी की राशि किसके पास जा रही है?
सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि 2018 में विधानसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस के घोषणा पत्र में कर्जमाफी के वायदे पर भाजपाईयों ने कुटरचित फर्जी पत्र जारी कर छत्तीसगढ़ के किसानों के बीच भ्रम फैलाना का षडयंत्र रचा गया था जिसके चलते ही कर्जमाफी के वायदे के समर्थन में गंगाजल की कसम उठाई गयी थी। गंगाजल हाथ में लेकर की गयी उस 2018 का विडियों आज भी यूटयूब पर मौजूद है, भाजपाई तसदीक कर लें। कांग्रेस का वायदा था 10 दिन में कर्जमाफी का जिसें भूपेश बघेल ने शपथ लेते ही 2 घंटे के भीतर पूरा करके किसानों का विश्वास जीता। बेहद दुखद, निंदनीय और आपत्तिजनक है कि सनातनी होने का ढोंग करने वाले अरूण साव गंगाजल की कसम के संदर्भ में आज भी झूठ बोल रहे है।