छत्तीसगढ़

तैरता हुआ पत्थर बना कौतुहल का विषय, कणेश्वर महादेव धाम में सार्वा परिवार ने धार्मिक आस्था के मद्देनजर मंदिर को समर्पित किया रामसेतु का शिला पत्थर

कणेश्वर महादेव मंदिर धाम देउरपारा में तैरता हुआ पत्थर अब कौतुहल का विषय बना हुआ है। हालाकि अचंभित होने वाली बात नही ही क्योंकि यह कोई आम पत्थर नहीं है, यह रामसेतु का शिला पत्थर है जो कि कोई अनजान नहीं है जिसे देश के सभी लोग जानते है, पर दर्शन के लिए दूर जाना पड़ता है। जिसे पूजा अर्चना के बाद सार्वा परिवार के कुंती सार्वा ने अपने पति स्वर्गीय डॉ. सुरेश चंद्र सार्वा, पुत्री ममता किशन सार्वा की स्मृति में मंदिर को समर्पित किया है। कुंती सार्वा के साथ पुत्र प्रकाश सार्वा तथा डिप्टी कमिश्नर पी सी सार्वा ने मंदिर परिसर पहुंचकर विधि विधान से पूजा अर्चना करते हुए रामसेतु के शिला को स्थापित किया। इससे पहले कुंड की अच्छे से सफाई की गई और उसमे जल भरा गया फिर शिला को रखा गया जो कि पानी में तैर रहा है और आने वाले श्रद्धालुओं को अपनी ओर आकर्षित कर रह है। प्रकाश सार्वा ने बताया की पिता जब जीवित थे तब उन्होंने कई वर्ष पहले रामसेतु के शिला को मंदिर परिसर को समर्पित किया था परंतु कुछ समय से किसी वजह से शिला अपने जगह पर नहीं था, जिसको देखते हुए पुनः शिला को रखने का संकल्प लिया गया और उसे स्थापित किया गया, वर्तमान में दो शिला रखा गया है। बता दे कि पौराणिक समय से देउरपारा में मंदिर अपने आस्था का केंद्र बना हुआ है जहां देवी देवताओं की प्रतिमाएं है और सैकड़ों लोग रोजाना आकर यहां दर्शन लाभ लेते है। प्रतिवर्ष माघ पुर्णिमा में यहां मेला का भी आयोजन होता है तब लाखो लोगो की भीड़ उमड़ती है और लोग पुण्य धरा के पवित्र नदी में स्नान भी करते है। श्रीमति सार्वा ने बताया कि उनके पति स्व. डॉ. सुरेश सार्वा को मंदिर से बहुत लगाव था और वे ट्रस्टी में भी शामिल थे और सेवा भाव से मंदिर में सेवा करते थे अब उनके स्वर्गवास होने के पश्चात उनके पुत्र प्रकाश सार्वा को ट्रस्टी में स्थान मिला है और अब वे वहां सेवा करते हुए अपने पिता के सेवा भाव को आगे बढ़ा रहे है तथा मंदिर के सभी पदाधिकारी के मार्गदर्शन में काम कर रहे है।

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