
रायपुर। नक्सलवाद और टारगेट किलिंग को लेकर भारतीय जनता पार्टी के आरोप पर पलटवार करते हुए प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि दरअसल भाजपा नेताओं को अपने पाप याद आ रहे है, साजिश और षडयंत्र भाजपा का चरित्र है। छत्तीसगढ़ में सुदूर दक्षिण बस्तर के दो ब्लॉक में सीमित नक्सलवाद को रमन सरकार के दौरान ही खाद पानी देकर प्रदेश के 14 जिलों तक प्रसारित करने वाले भारतीय जनता पार्टी के नेता किस मुंह से आरोप लगाते हैं? रमन सिंह के मुख्यमंत्री रहते हैं उनके गृह जिला कवर्धा और संसदीय क्षेत्र राजनांदगांव भी नक्सलवाद के जद में धकेल दिया गया। रमन सिंह के मुख्यमंत्री रहते हैं झीरम का क्रूर नरसंहार हुआ जो दुनिया की सबसे बड़ी राजनीतिक हत्या है। भारतीय जनता पार्टी के नेता यह बताएं की 2013 में तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष स्वर्गीय नंद कुमार पटेल के नेतृत्व में जब बस्तर के घोर नक्सल क्षेत्र में कांग्रेस की परिवर्तन यात्रा निकली थी तब किस षड्यंत्र के तहत रमन सिंह ने कांग्रेस के दिग्गज नेताओं की सुरक्षा हटवाया था? भाजपा के दामन पर झीरम के शहीदों के खून के छीटें लगे हैं, अनर्गल बयानबाज़ी करके भाजपाई अपने पाप मुक्त नहीं हो सकते।
सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि भारतीय जनता पार्टी के नेता यह बताएं की केंद्रीय गृह विभाग के अधिन काम करने वाली एनआईए किसके इशारे पर और किसे बचाने के लिए जांच को भटका रही है? झीरम मामले में एनआईए ने किसके दबाव में गणपति और और रमन्ना का नाम चार्जशीट से हटाया? आज तक न झीरम के शहीदों को न्याय मिला और न ही दंतेवाड़ा के दिवंगत भाजपा विधायक भीमा मंडावी के परिजनों को। मोदी सरकार के केन्द्रीय गृह विभाग का रवैय्या स्पष्ट है कि एनआईए न खुद जांच करना चाहती है और न ही राज्य सरकार के पुलिस और एसआईटी को जांच करने दे रही है। 16 जून 2020 को वरिष्ठ पत्रकार आशुतोष भारद्वाज द्वारा जारी रिपोर्ट में भाजपा नेता और नक्सलियों के साठगांठ का विस्तृत वर्णन था, जिसका आज तक भाजपा की तरफ से खंडन नहीं आया है। इसी तरह शुभांशु चौधरी की किताब में छत्तीसगढ़ के भाजपा नेताओं और नक्सलियों के एटमी संबंधों का जिक्र है जिस पर भी भाजपाई मौन है।



