पांच जवान शहीद : 28 घंटे से अधिक चली मुठभेड़ में दुर्दांत पाकिस्तानी आतंकी कारी समेत दो दहशतगर्द ढेर

राजोरी में 28 घंटे से अधिक चली मुठभेड़ में सेना के पांच जवानों की शहादत के बाद पाकिस्तान के दुर्दांत आतंकी कारी समेत दो दहशतगर्दों को मार गिराया गया है। इस बीच मुठभेड़ में घायल एक अन्य जवान वीरवार को बलिदान हो गया। इस प्रकार मुठभेड़ में दो कैप्टन समेत पांच जवानों ने बलिदान दिया। बुधवार को मुठभेड़ के दौरान दो कैप्टन समेत चार बलिदान हो गए थे। इलाके में फिलहाल सर्च ऑपरेशन जारी है।
कारी लश्कर-ए-ताइबा से जुड़ा हुआ प्रशिक्षित आतंकी था। संगठन के कमांडर रहे कारी को पाकिस्तान तथा अफगानिस्तान दोनों मोर्चों पर प्रशिक्षण दिलाया गया था। वह आईईडी एक्सपर्ट होने के साथ ही प्रशिक्षित स्नाइपर भी था। उसे गुफा में छिपने तथा वहां से आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने में महारत हासिल थी। वह पिछले एक साल से ग्रुप के साथ राजोरी-पुंछ इलाके में सक्रिय था। वह ढांगरी तथा कंडी हमले का मास्टरमाइंड भी था। उसे राजोरी-पुंछ और आसपास के इलाकों में आतंकवाद को दोबारा जिंदा करने की जिम्मेदारी देकर पाकिस्तान की ओर से भेजा गया था। ढांगरी में नए साल के पहले दिन आतंकियों के हमले में सात नागरिकों की मौत हो गई थी।
बुधवार को राजोरी जिले के कालाकोट के बाजीमाल इलाके में आतंकियों की मौजूदगी की सूचना पर सुरक्षा बलों ने इलाके की घेराबंदी की। जब जवान आतंकियों के ठिकाने की ओर बढ़ रहे थे तो घात लगाए आतंकियों ने जोरदार फायरिंग शुरू कर दी। शुरुआती फायरिंग में मेजर, दो कैप्टन, हवलदार समेत छह लोग घायल हो गए। बुधवार को ही दो कैप्टन समेत चार जवान बलिदान हो गए।
मेजर समेत दो जवानों का इलाज चल रहा था, लेकिन वीरवार को एक और पैरा कमांडो ने दम तोड़ दिया। इस प्रकार इस ऑपरेशन में पांच जवान बलिदान हो गए। इससे पहले वीरवार को दोबारा आठ बजे घिरे आतंकियों को मार गिराने के लिए दोबारा ऑपरेशन शुरू किया गया। एक के बाद एक दोनों आतंकियों को मार गिराया गया। पूरे इलाके में अब भी सर्च ऑपरेशन जारी है ताकि आतंकियों की ओर से छिपाई गई किसी प्रकार की आपत्तिजनक सामग्री न मौजूद हो।