छत्तीसगढ़

चक्रवात मिचौंग ने बढ़ाई किसानों की मुसीबतेंबारिश से धान कटाई, मिंजाई और ख़रीदी प्रभावितबढ़ी ठंड, अलाव का सहारा

धमतरी — विगत चार दिनों से उठी चक्रवात मिचौंग ने किसानों की मुसीबतें बढ़ा दी है।बेमौसम बारिश का असर कुरुद अंचल में भी पड़ा है।जिससे धान कटाई मिंजाई के साथ सोसायटियों में खरीदी भी प्रभावित हो गया है। फसल क्षति की चिंता किसानों को सता रही है।वहीं बारिश से ठंड भी बढ़ गया है।जिससे निजात पाने लोग अलाव का सहारा ले रहे हैं।
मालूम हो कि 4 दिसम्बर से चक्रवात मिचौंग से प्रदेश में असमय बारिश हो रही है।जिसका असर कुरुद अनुविभाग में भी देखने को मिल रहा है।सुबह, शाम और को रुक रुक कर हो रही बेमौसम बारिश से खरीफ़ फसल में बोए गए धान की कटाई मिंजाई प्रभावित हो गया है।दीवाली के बाद युद्ध स्तर पर जोर पकड़ी धान कटाई और मिंजाई पर ब्रेक लग गया है।खेतों में खड़ी फसल, हवा और बारिश से लेटने लगा है।कटाई की गई करपा भी खेतो में ही पड़ा है जो भीग गया है।कई किसान खेतों में ही खरही बनाकर रखे हैं वह भी भीगने लगा है।मिंजाई कर रखे धान खेत खलियानों में ही भीगते पड़ा है।जिसका नुकसान होने की अंदेशा से धरतीपुत्र काफी चिंतित हैं।किसानों का कहना है कि बारिश रुकने और मौसम साफ होने के बावजूद करीब सप्ताह भर तक धान को सुखाना पड़ेगा।तभी वह कटाई मिंजाई के लायक बनेगा।इधर क्षेत्र के धान उपार्जन केंद्रों में बारिश के चलते समर्थन मूल्य में की जा रही खरीदी बंद हो गया है।बताया गया है सोसायटियों में 14,15,19 दिसम्बर तक किसानों को धान बेचने टोकन जारी किया गया है।लेकिन अब बारिश से खरीदी प्रभावित होने से तय सीमा में धान का आवक नही ले पाएंगे।जिला सहकारी केंद्रीय बैंक शाखा कुरुद अंर्तगत 9 समिति, भखारा ब्रांच के 5,कोर्रा शाखा के 5और मरौद शाखा के 5 समितियों के धान उपार्जन केंद्रों में खरीदी बंद है।खरीदे गए धान की बोरियों को त्रिपाल से ढंका गया है।ताकि बारिश से बचाया जा सके।बारिश से ठंड भी बढ़ने लगा है।लोग घरों में ही दुबके है।ठंड से बचने अलाव का सहारा ले रहे हैं।

Author Desk

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