चार हादसों में 6 की मौत, 20 से अधिक घायल



धमतरी – साल के अंतिम माह में शुक्रवार 22 दिसंबर काला दिन रहा। 5 घंटे के दरम्यान अलग-अलग थाना क्षेत्रों में चार जगह हुए हादसों में 6 लोगों की मौत हो गई। 15 से लोग घायल हो गए जिन्हें अलग-अलग अस्पताल में भर्ती कराया गया है। एक हादसे में बस शामिल रहा तो बाकी तीन हादसों में भारत माला प्रोजेक्ट के ट्रक शामिल रहा। बस हादसे में धमतरी निवासी एक शिक्षक की भी मौत हो गई। 22 दिसंबर शुक्रवार के तडक़े से लेकर 9 बजे तक चंद घंटों में चार अलग-अलग जगह हादसे हुए। जिसमें से 3 हादसा नेशनल हाईवे 30 में और एक हादसा स्टेट हाईवे नगरी-सिहावा मार्ग में हुआ है। चार हादसों में तीन यात्री सहित 6 लोगों की मौत हुई है। तीन हादसों में तो भारत माला प्रोजेक्ट के ट्रक शामिल हैं।
बस हादसे में तीन की मौत
समय सुबह 9.10 बजे
नेशनल हाईवे 30 में मरकाटोला, चारामा घाट के पास शुक्रवार सुबह 9 बजे हुई जिसमें तीन की मौके पर ही मौत हो गई। महिन्द्रा टे्रव्हल्स की बस रायपुर से जगदलपुर की ओर जा रही थी। चारामा घाट के पास एक ट्रक पलटा हुआ पड़ा था। जिसमें तेज रफ्तार बस जा घुसी। दुर्घटना के बाद चीख पुकार मच गई। तत्काल पुरूर, गुरूर पुलिस सहित आला अधिकारी मौके पर पहुंचे। तब तक तीन यात्रियों की मौत हो गई थी। 15 से अधिक यात्री घायल हो गए जिन्हें धमतरी से पहुंचे रक्तदान एम्बुलेंस के शिवा प्रधान, हेमंत प्रधान और चारामा से बजरंग दल की टीम ने चारामा और धमतरी पहुंचाया। बस में यात्री फंसे हुए थे जिन्हें मुश्किल से निकाला गया। हादसे में धमतरी विंध्यवासिनी मंदिर रोड निवासी गीतपहर में प्रधान पाठक के पद पर पदस्थ संजय रक्टाटे पिता स्व. पंढरीराव रक्टाटे की मौत हो गई। इसी तरह रत्नाबांधा पंचमुखी हनुमान मंदिर नगर निवासी ललित साहू की भी मौत हो गई। वही अपने चारामा के ऑटो पाट्र्स की दुकान में जाने के लिए बस में बैठा था। तीसरे मृतक की पहचान अभनपुर निवासी मेहंदी खान के रूप में हुई है। वह कांकेर आरटीओ में डाटा एंट्री ऑपरेटर के पद पर पदस्थ था। रोजाना बस से आना जाना करता था। बताया गया कि मरकाटोला घाट में मरम्मत कार्य के चलते रूट डायवर्ट किया गया था और सूचना बोर्ड भी नहीं लगाया गया था। तेज रफ्तार ट्रक जैसे ही मोड़ पर पहुंचा रास्ता बंद देख चालक ने अचानक स्टेरिंग घुमा दी जिससे ट्रक पलट गया। घायल ट्रक ड्राइवर को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इसी ट्रक में टकराने से बस दुर्घटनाग्रस्त हुआ है। इसमें पुलिस सहित नेशनल हाईवे की लापरवाही सामने आ रही है। हादसे के बाद ट्रक को सडक़ से हटाया जाना चाहिए था। पुलिस आगे की कार्यवाही में जुट गई है।
छाती के पास हुई घटना समय शुक्रवार तडक़े
कुरूद थाना क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम छाती नेशनल हाईवे में भारत माला प्रोजेक्ट में लगी वाहन एमपी 07, एचबी- 7261 ने सामने जा रही वाहन को जोरदार ठोकर मार दी जिससे ट्रक में बैठे खलासी की मौत हो गई। घटना के बाद ड्राइवर फरार हो गया है। कुरूद एएसआई हेमंत ध्रुव ने बताया कि मृतक की पहचान नहीं हो पाई है। आगे की कार्यवाही की जा रही है।
केरेगांव-गट्टासिल्ली के पास
समय सुबह 8 बजे
शुक्रवार सुबह 8 बजे केरेगांव और गट्टासिल्ली के बीच पिकअप और हाईवा में टक्कर हो गई जिसमें पिकअप चालक की मौत हो गई। केरेगांव थाना प्रभारी प्रदीप सिंह ने बताया कि पिकअप क्रमांक सीजी 05 एके- 6264 गट्टासिल्ली की ओर से आ रही थी। दूसरी ओर से हाईवा आरजे-05 जीबी- 7691 नगरी की ओर जा रही थी। तभी दोनों में आमने-सामने टक्कर हो गयी। टक्कर में पिकअप सवार मोहलई थाना केरेगांव निवासी शुभम नेताम की मौके पर मौत हो गई। पिकअप चालक गंभीर रूप से घायल हो गया जिसे ईलाज के लिए धमतरी भेजा गया।
बिरेझर के पास हुआ हादसा
समय सुबह 8 बजे
शुक्रवार को ही नेशनल हाईवे 30 में बिरेझर चौकी क्षेत्र के अंतर्गत कल्ले सम्राट ढाबा के पास पंचर टायर को बदलते वक्त दूसरे ट्रक ने ठोकर मार दी। जिसमें एक की मौत हो गई। बिरेझर चौकी एएसआई जगदीश सोनवानी ने बताया कि हाईवा क्रमांक आरजे 11 जीबी 3495 का टायर पंचर होने से ड्राइवर जेक लगाकर पंचर बना रहा था तभी पीछे से कंटेनर क्रमांक आरजे 11 जीसी 0216 ने ठोकर मार दी जिसमें टायर बदल रहे ड्राइवर सुरेन्द्र बघेल 34वर्ष पिता जसमत बघेल गिरवाई ग्वालियर निवासी की दबने से मौके पर मौत हो गई। ठोकर मारने वाले ट्रक का ड्राइवर गंभीर रूप से घायल हो गया। जिसे इलाज के लिए रायपुर भेजा गया है।
यात्री बस हादसे में मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रूपये देने मुख्यमंत्री की घोषणा
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बालोद जिले के मरकाटोला घाट में शुक्रवार को हुए यात्री बस हादसे में मृतक लोगों के प्रति शोक जताया है तथा घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की है। उन्होंने जिला प्रशासन को घायल यात्रियों के समुचित इलाज एवं मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रूपये देने के निर्देश दिये हैं। जिला प्रशासन बालोद द्वारा घायलों को उपचार के लिए धमतरी एवं कांकेर के अस्पतालों में उपचार की व्यवस्था की जा रही है।




