कर्ज से परेशान किसान ने की आत्महत्या, कांग्रेस विधायक व्यास कश्यप का गंभीर आरोप, धान खरीदी 3100 के बजाय 2183 रूपये में हो रही

रायपुर। कर्ज के दबाव से परेशान एक किसान ने आज फिर से फांसी लगाकर जान दे दी। घटना मस्तूरी के लिमतरा इलाके की बताई जाती है। सूत्रों ने बताया कि किसान दो दिन से घर से गायब था। वह खेत जाने की बात कहकर निकला था लेकिन घर नही पहुंचने पर खोजबीन शुरू हुई तो उसका शव एक पेड़ के पास लटकता मिला।
किसान ने जो सुसाइड नोट लिखा है, उसमें कर्ज को आत्महत्या की वजह बताया है। उसने चार लोगों से कर्ज लिया था लेकिन उसे नही चुका पा रहा था जिसके कारण वह दबाव में था। हालांकि सुसाइड नोट में किसी को दोषी नही ठहराया गया है लेकिन मस्तूरी के लिमतरा इलाके की घटना बताई जाती है जहां कर्ज ना चुका पाने की वजह से पेड़ से लटककर जान दे दी। पुलिस मामले की जांच कर रही है। किसान ने कितना कर्ज लिया था, वह क्यों नही चुका पा रहा था तथा कर्ज देने वालों की क्या भूमिका रही है, इन सारे मामलों पर जांच चल रही है।
दूसरी ओर कांग्रेस ने सत्तारूढ़ भाजपा सरकार को घेर लिया है। कांग्रेस विधायक व्यास कश्यप ने इस मामले पर दु:ख जताते हुए कहा कि भाजपा ने विधानसभा चुनाव में जो वादा किया था, उसके अनुसार धान खरीदी नही हो रही है। धान खरीदी 3100 के बजाय 2183 रूपये में की जा रही है और इतने का ही भुगतान हो रहा है। श्री कश्यप ने कहा कि वादे के अनुसार किसानों को पैसा मिलता तो शायद ऐसी घटनाएं रूक सकती हैं। किसान कर्ज में जीता और मरता है। पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार में यह स्थिति नही बनी थी। धान खरीदी केन्द्रों में अव्यवस्था का आलम है और किसान परेशान हैं। मैं कांग्रस पार्टी से मांग करता हूं कि जांच दल बनाया जाए जो इस मामले की जांच करे साथ ही इस मामले पर विधानसभा सत्र में सरकार से जवाब मांगा जाएगा।



