छत्तीसगढ़

धान खरीदी में साय सरकार किसानों के साथ कर रही अन्याय – कविता योगेश बाबर


धमतरी(प्रखर)जिला पंचायत सदस्य श्रीमती कविता योगेश बाबर ने धान खरीदी केंद्र कुरमातराई का आकस्मिक निरीक्षण कर धान खरीदी की जमीनी हकीकत का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान बड़ी संख्या में किसानों ने खरीदी प्रक्रिया में हो रही गंभीर अनियमितताओं, प्रशासनिक लापरवाही और कथित शोषण को लेकर खुलकर अपनी बात रखी। किसानों ने बताया कि धान खरीदी की समय-सीमा समाप्त होने में अब केवल कुछ ही दिन शेष हैं, इसके बावजूद ऑनलाइन एवं ऑफलाइन टोकन व्यवस्था को अचानक लॉक कर दिया गया है, जिससे सैकड़ों किसान अपना धान बेचने से वंचित रह गए हैं।
किसानों ने शिकायत करते हुए कहा कि जिन किसानों का टोकन पहले ही कट चुका है, उन्हें भी भौतिक सत्यापन के नाम पर अनावश्यक रूप से परेशान किया जा रहा है। खरीदी केंद्र कुरमातराई में ऐसे 34 किसान हैं जिन्होंने अब तक एक बार भी धान का विक्रय नहीं किया है। इससे किसानों में गहरी नाराजगी और असमंजस की स्थिति बनी हुई है। किसानों का कहना है कि महीनों की मेहनत और लागत के बाद तैयार की गई फसल अब घरों और खलिहानों में पड़ी हुई है, लेकिन शासन की नीतियों और प्रशासनिक रवैये के कारण वे उसे बेच नहीं पा रहे हैं।
इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्य श्रीमती कविता योगेश बाबर ने कहा कि राज्य में बैठी भाजपा सरकार ने चुनाव के दौरान धान के एक-एक दाने को किसान से खरीदने का वादा किया था, लेकिन आज धरातल पर स्थिति बिल्कुल उलट दिखाई दे रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि भौतिक सत्यापन के नाम पर अधिकारियों द्वारा किसानों के घर जाकर बिना पूर्व सूचना दबावपूर्वक रकबा समर्पण कराया जा रहा है तथा किसानों को उनकी वास्तविक क्षमता से कम धान बेचने के लिए मजबूर किया जा रहा है, जो अन्नदाता किसानों के साथ खुला अन्याय है।
किसानों ने यह भी बताया कि शासन द्वारा प्रति एकड़ 20.80 क्विंटल धान खरीदी का प्रावधान निर्धारित किया गया है, लेकिन वास्तविकता में कई किसानों से 2 से 4 क्विंटल कम धान की खरीदी की जा रही है। जबकि शासन स्तर पर गिरदावरी का कार्य पहले ही पूर्ण हो चुका है और वास्तविक रकबे का मूल्यांकन रिकॉर्ड में दर्ज है। इसके बावजूद प्रशासन द्वारा पुनः सत्यापन के नाम पर किसानों को डराया-धमकाया और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है, जिससे किसान स्वयं को अपमानित और ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं।
श्रीमती बाबर ने कहा कि भाजपा एवं मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सरकार की यह नीति किसान विरोधी है। अन्नदाता किसानों को संदेह के घेरे में खड़ा कर उन्हें चोर-उचक्का साबित करने का प्रयास किया जा रहा है, जो अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी किसानों के सम्मान, अधिकार और न्याय के लिए सदैव संघर्ष करती रही है और आगे भी किसानों की आवाज़ मजबूती से उठाती रहेगी।
जिला पंचायत सदस्य श्रीमती कविता योगेश बाबर ने किसानों को आश्वासन दिया कि उनकी समस्याओं को जिला स्तर से लेकर राज्य स्तर तक मजबूती से उठाया जाएगा, भाजपा सरकार की दोहरी नीति का विरोध किया जाएगा तथा प्रभावित किसानों को शीघ्र न्याय दिलाने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे।
निरीक्षण के दौरान जनपद सदस्य भारती चन्द्रहास साहू, सरपंच भुनेश्वरी साहू, सरपंच प्रतिनिधि हुलार सिंह कोरम, किसान नेता ललित सिन्हा, उप सरपंच खिलेन्द्र साहू, सुरेश साहू, सुदर्शन साहू, नेतराम साहू, झमेश साहू, गौकरण साहू सहित दरगहन, रीवागहन, पिपरछेड़ी सहित आसपास के ग्रामों के बड़ी संख्या में किसान उपस्थित थे, जिन्होंने एक स्वर में धान खरीदी व्यवस्था में सुधार की मांग की।

Author Desk

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