छत्तीसगढ़

रामलला प्राण प्रतिष्ठा की वर्षगांठ पर सोनकर समाज ने निकाली ऐतिहासिक शोभायात्रा, जय श्रीराम के जयघोष से गूंजा धमतरी शहर


धमतरी(प्रखर) अयोध्या में श्रीरामलला की प्राण प्रतिष्ठा एवं भव्य श्रीराम मंदिर निर्माण की वर्षगांठ के पावन अवसर पर धमतरी शहर पूरी तरह राममय नजर आया। इस शुभ अवसर पर सोनकर समाज के द्वारा भव्य एवं श्रद्धापूर्ण अक्षत कलश शोभायात्रा का आयोजन किया गया, जिसमें समाज के सभी वर्गों की सहभागिता देखने को मिली। शोभायात्रा के दौरान शहर का वातावरण भक्तिमय हो गया और हर ओर “जय श्रीराम” के उद्घोष गूंजते रहे।
शोभायात्रा की शुरुआत सोनकर समाज भवन, रामबाग से विधिवत पूजा-अर्चना के साथ की गई। इसके पश्चात गाजे-बाजे, ढोल-नगाड़ों और धार्मिक भजनों के साथ शोभायात्रा शहर के प्रमुख मार्गों से होकर निकली। यात्रा में शामिल श्रद्धालु हाथों में भगवा ध्वज, अक्षत कलश एवं भगवान श्रीराम के जयघोष के साथ पूरे उत्साह और भक्ति भाव से नगर भ्रमण करते रहे।
शोभायात्रा जब घड़ी चौक पहुँची, तब वहाँ भगवान श्रीराम की सामूहिक आरती उतारी गई एवं विधिवत पूजा-अर्चना की गई। इस दौरान बड़ी संख्या में आम नागरिकों ने भी आरती में सहभागिता कर पुण्य लाभ अर्जित किया। पूरे आयोजन के दौरान महिलाओं, पुरुषों और बच्चों की उत्साहपूर्ण भागीदारी ने आयोजन को और भी भव्य बना दिया।
इस अवसर पर सोनकर समाज के अध्यक्ष संतोष सोनकर ने कहा कि अयोध्या में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा प्रत्येक सनातनी के लिए गर्व का विषय है। यह दिन केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति, आस्था और राष्ट्रीय चेतना का प्रतीक है। समाज द्वारा इस प्रकार का आयोजन कर भावी पीढ़ी को सनातन संस्कारों से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
वहीं जल विभाग सभापति अखिलेश सोनकर ने अपने संबोधन में कहा कि भगवान श्रीराम केवल एक धार्मिक प्रतीक नहीं, बल्कि मर्यादा, सत्य, त्याग और आदर्श जीवन के प्रेरणास्रोत हैं। रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की वर्षगांठ पर किया गया यह आयोजन सनातन एकता को मजबूत करने के साथ-साथ समाज में आपसी भाईचारे और सांस्कृतिक चेतना को भी सुदृढ़ करता है।
कार्यक्रम में नेता प्रतिपक्ष दीपक सोनकर, धनीराम सोनकर, प्रीत सोनकर, रामेश्वर सोनकर, दिनेश सोनकर, काशीराम सोनकर, बसंत सोनकर, हेमंत सोनकर, ईश्वर सोनकर, सुदामा सोनकर, धनेश सोनकर, जीवन सोनकर, नरेश सोनकर, गगन सोनकर, चिंता सोनकर, तरुण सोनकर, दिलीप सोनकर, महिला प्रकोष्ठ अध्यक्ष अनीता सोनकर, यशोदा सोनकर, रखमणि सोनकर, सरिता सोनकर, रानू सोनकर, गणेशी सोनकर, सीमा सोनकर सहित समाज के अनेक वरिष्ठजन, युवा, महिलाएं एवं बच्चे बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
पूरे आयोजन के दौरान अनुशासन, श्रद्धा और सामाजिक एकजुटता का अद्भुत दृश्य देखने को मिला। शोभायात्रा के समापन पर प्रसाद वितरण कर आयोजन का समापन किया गया। सोनकर समाज द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक बना, बल्कि सामाजिक समरसता और सनातन संस्कृति के संरक्षण का भी सशक्त संदेश देकर गया।

Author Desk

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