सीतानदी अभयारण्य में मध्यप्रदेश से लाए जाएंगे दो टाइगर

धमतरी(प्रखर) जिले के उदंती–सीतानदी अभयारण्य में बाघों की संख्या बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। मध्यप्रदेश से दो टाइगर (नर–मादा) को सीतानदी अभयारण्य लाने की तैयारी चल रही है। वन विभाग के अनुसार इस पूरी प्रक्रिया में एक से दो महीने का समय लग सकता है।
उदंती–सीतानदी अभयारण्य छत्तीसगढ़ के प्रमुख वन्यजीव क्षेत्रों में शामिल है। यहां साल, सागौन, हर्रा, बीजा सहित विभिन्न प्रजातियों के वृक्ष पाए जाते हैं। जंगल में तेंदुआ, भालू, चीतल, बंदर, खरगोश, जंगली सुअर, हिरण, नीलगाय, लोमड़ी, सियार जैसे अनेक वन्य जीव मौजूद हैं, लेकिन बाघों की संख्या सीमित होने से वन्य संतुलन प्रभावित हो रहा था।
हाल ही में सीतानदी क्षेत्र में लगाए गए ट्रैप कैमरों में टाइगर की तस्वीरें सामने आई हैं। इसके अलावा कई स्थानों पर बाघ के पदचिह्न भी मिले हैं। एक मवेशी के शिकार की घटना से भी क्षेत्र में टाइगर की मौजूदगी की पुष्टि हुई है।
वन विभाग द्वारा पूरे रिजर्व क्षेत्र में करीब 150 ट्रैप कैमरे लगाए गए हैं। निगरानी के दौरान संकेत मिले हैं कि सीतानदी अभयारण्य में एक से अधिक टाइगर हो सकते हैं। इसी आधार पर मध्यप्रदेश के टाइगर रिजर्व क्षेत्र से दो बाघ लाकर यहां बसाने की योजना बनाई जा रही है।
वन विभाग के अनुसार, बाघों के आने से सीतानदी अभयारण्य में जैव विविधता को मजबूती मिलेगी और वन्यजीव संरक्षण को नई दिशा मिलेगी।



