बजट पर चर्चा : ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव में खामियां, रिजिजू बोले कांग्रेस सांसदों ने स्पीकर से की गाली गलौज

लोकसभा में राहुल बोले राजनीति में भी ग्रिप होती है लेकिन दिखती नहीं
नई दिल्ली। संसद के बजट सत्र का आज 11वां दिन था। लोकसभा से आठ सांसदों के निलंबन और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के वक्तव्य को कथित तौर पर रोके जाने के मुद्दे पर सत्तापक्ष और विपक्षी दलों के बीच लंबे समय से बरकरार गतिरोध मंगलवार को दूर हुआ। हंगामे के बाद राज्यसभा की कार्यवाही दोपहर दो बजे तक स्थगित कर दी गई है। वहीँ आज संसद परिसर में विपक्षी सांसदों ने प्रदर्शन किया। मकर द्वार पर सांसदों ने विरोध जताया। जहां उन्होंने प्रधानमंत्री के खिलाफ नारेबाजी की। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गाँधी ने चर्चा में भाग लिया। स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव नोटिस में खामियां सामने आने के बाद इसमें संशोधन के निर्देश दिए गए हैं।
अविश्वास प्रस्ताव नोटिस में खामियां
विपक्ष द्वारा लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस पेश किया गया था, जिसमे खामियां सामने आई है, जिसके संशोधन के निर्देश दिए गए हैं। अविश्वास प्रस्ताव को लेकर 118 सांसदों ने हस्ताक्षर किए है। इस बीच अब लोकसभा सूत्रों के अनुसार अध्यक्ष ओम बिरला ने सचिवालय को विपक्ष द्वारा प्रस्तुत दोषपूर्ण नोटिस को खारिज होने से बचाने के लिए उसमें संशोधन करने का निर्देश दिया और त्वरित कार्रवाई का आदेश दिया है। लोकसभा सचिवालय सूत्र के मुताबिक विपक्षी सांसदों के लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को हटाने की मांग वाले नोटिस में कमियां पाई गई हैं। नोटिस में फरवरी 2025 की घटनाओं का चार बार जिक्र है, जिसके आधार पर नियमों के मुताबिक इसे खारिज किया जा सकता था। हालांकि, स्पीकर ने सचिवालय को नोटिस की कमियों को ठीक करने और आगे की कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। ओम बिरला ने नियमों के मुताबिक तेजी से कार्रवाई करने का आदेश दिया है। बजट सत्र का दूसरा चरण शुरू होने के बाद नोटिस को लिस्ट किया जाएगा। बदला हुआ नोटिस मिलने के बाद तय नियमों के मुताबिक इसकी तुरंत जांच की जाएगी।
20-25 कांग्रेस सांसदों ने लोकसभा स्पीकर के चैंबर में घुस कर उन्हें गालियां दीं : रिजिजू
केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। रिजिजू ने कहा, कम से कम 20-25 कांग्रेस सांसदों ने लोकसभा स्पीकर के चैंबर में घुस गए और उन्हें गालियां दीं। मैं भी वहीं था। स्पीकर बहुत नरम इंसान हैं, नहीं तो सख्त कार्रवाई होती। प्रियंका गांधी वाड्रा और केसी वेणुगोपाल समेत सीनियर कांग्रेस नेता भी अंदर मौजूद थे, और वे उन्हें लडऩे के लिए उकसा रहे थे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के कई सांसद स्पीकर के कक्ष में गए और उनके साथ गलत भाषा का इस्तेमाल किया। रिजिजू के अनुसार, इस घटना से स्पीकर ओम बिरला बहुत आहत हैं। पत्रकारों से बात करते हुए रिजिजू ने कहा कि उन्होंने खुद स्पीकर से बात की है। रिजिजू ने यह भी दावा किया कि उस समय कांग्रेस के वरिष्ठ नेता, जिनमें प्रियंका गांधी वाड्रा और केसी वेणुगोपाल भी शामिल थे, वहां मौजूद थे और विरोध कर रहे सांसदों को उकसा रहे थे।
राहुल ने कहा उन्हें बोलने के लिए अनुमति की जरूरत नहीं : रिजिजू
रिजिजू ने सदन में बोलने को लेकर हुए विवाद का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि स्पीकर ने एक फैसला दिया था, लेकिन उसका पालन नहीं किया गया। उनके मुताबिक, राहुल गांधी ने कहा कि उन्हें बोलने के लिए किसी की अनुमति की जरूरत नहीं है और वे अपनी इच्छा से बोलेंगे। इस पर रिजिजू ने कहा कि संसद में नियम बहुत साफ हैं, बिना अध्यक्ष की अनुमति कोई भी सदस्य नहीं बोल सकता। उन्होंने यह भी कहा कि यहां तक कि प्रधानमंत्री भी तभी बोलते हैं जब अध्यक्ष अनुमति देते हैं। हर सदस्य को नियमों का पालन करना होता है। उन्होंने कहा कि स्पीकर का स्वभाव बहुत शांत है, वरना इस तरह की घटना पर सख्त कार्रवाई हो सकती थी।
ओम बिरला ने कहा ..तब तक कुर्सी पर नहीं बैठूंगा…
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने मंगलवार को कहा कि जब तक विपक्षी सांसदों द्वारा उनकी कुर्सी के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर कोई निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक वह लोकसभा की कार्यवाही में शामिल नहीं होंगे। उन्होंने यह भी फैसला किया है कि विपक्ष द्वारा लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर सुनवाई और समाधान होने तक वे लोकसभा अध्यक्ष की कुर्सी पर नहीं बैठेंगे। हालांकि ऐसा कोई प्रावधान नहीं है जो अविश्वास प्रस्ताव पारित होने तक अध्यक्ष को हटाने की बात कहता हो, लेकिन बिरला ने अविश्वास प्रस्ताव पर सुनवाई और उसके निपटारे तक अध्यक्ष की कुर्सी पर न बैठने का विकल्प चुना है।
अमेरिका आधारित सिस्टम को मिल रही चुनौती: राहुल गांधी
लोकसभा में बजट पर चर्चा करते हुए राहुल गांधी ने मार्शल आर्टिस का जिक्र करते हुए कहा कि जिजित्सु में ग्रिप दिखती है, राजनीति में नहीं दिखती। चोक कहां हो रहा है, जोर कहां पड़ रहा है, राजनीति में नहीं दिखता। मैं आर्थिक सर्वे को देख रहा था। दो बिंदु मुझे दिखे। पहला बिंदु- हम ऐसी दुनिया में रह रहे हैं जहां भू-राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता बढ़ती जा रही है। यानी जो अमेरिका आधारित सिस्टम था, उसे चुनौती मिल रही है। उसे अब रूस और चीन फिर से चुनौती दे रहे हैं। राहुल गांधी ने कहा कि दूसरी तरफ डॉलर को चुनौती मिल रही है। अमेरिकी सुप्रिमेसी को चुनौती मिल रही है। अब हम दो सुपर पावर या कई सुपर पावर वाले दौर में जा रहे हैं। आर्थिक सर्वे की बात सही है। इन सबके केंद्र में एआई का समय है। सभी कह रहे हैं कि हम एआई के समय में जा रहे हैं। एआई का एक परिणाम यह हो रहा है कि कांग्रेस ने जो आईटी इकोसिस्टम बनाया, वह चुनौती की स्थिति में रहेगा। इसे चुनौती मिलेगी। कई इंजीनियरों को एआई हटा देगा।


