छत्तीसगढ़

बच्चों के प्रथम गुरु उनके माता-पिता होते हैं – कविता योगेश बाबर

प्राथमिक शाला लोहरसी में मातृ-पितृ दिवस का गरिमामय आयोजन

धमतरी(प्रखर) ग्राम लोहरसी के बाजार पारा स्थित शासकीय प्राथमिक शाला में मातृ-पितृ दिवस का आयोजन अत्यंत उत्साह और गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि कविता योगेश बाबर रहीं तथा अध्यक्षता सरपंच महेश्वरी गजेन्द्र ने की।
सभा स्थल पर पहुंचने पर अतिथियों का स्वागत विद्यालय के बच्चों द्वारा पुष्प वर्षा एवं आरती उतारकर किया गया। इसके पश्चात भारत माता, सरस्वती माता एवं छत्तीसगढ़ महतारी के तैलचित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया।
अतिथि स्वागत के उपरांत विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने आकर्षक सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी, जिसे उपस्थित पालकों और ग्रामीणों ने खूब सराहा। कार्यक्रम का विशेष आकर्षण बच्चों द्वारा अपने माता-पिता का सम्मान रहा। बच्चों ने अपने अभिभावकों की आरती उतारकर, गुलाल लगाकर वंदन-अभिनंदन किया, जिससे पूरे परिसर में भावुक और सम्मानपूर्ण वातावरण बन गया।
अपने उद्बोधन में कविता योगेश बाबर ने कहा कि बच्चों के प्रथम गुरु उनके माता-पिता होते हैं। वही उन्हें इस दुनिया में आने के बाद चलना, बोलना और जीवन के मूल संस्कार सिखाते हैं। जीवन में आने वाली कठिनाइयों का सामना करना भी बच्चे सबसे पहले अपने माता-पिता से ही सीखते हैं। उन्होंने कहा कि जब बच्चा शिक्षा ग्रहण करने विद्यालय जाता है, तब शिक्षक उसके द्वितीय गुरु बनते हैं, जो उसे ज्ञान देकर जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं। बचपन को कच्ची मिट्टी की तरह बताते हुए उन्होंने कहा कि माता-पिता और शिक्षक मिलकर बच्चों के व्यक्तित्व को आकार देते हैं।
विद्यालय के बारे में जानकारी देते हुए बताया गया कि लोहरसी का यह स्कूल वर्ष 1918 से संचालित हो रहा है। विद्यालय की विशेषता यहां का अनुशासन और शिक्षकों का समर्पण है। आजादी के पूर्व की कई ऐतिहासिक वस्तुओं और दस्तावेजों को आज भी सहेजकर रखा गया है, जिन्हें शिक्षकों द्वारा एल्बम के रूप में संकलित किया गया है। इस एल्बम का विमोचन मुख्य अतिथि के करकमलों से किया गया।
कार्यक्रम को अन्य अतिथियों ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर उपसरपंच चन्द्रहास साहू, सावली राम ओंकार, निर्मलकर, पंच दीपक सोनकर, भीष्म सोनकर, नंदनी निर्मलकर, सरिता साहू, बलराम साहू सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। प्रधान पाठक दिलेश्वरी सिन्हा, सुनील यदु, दीपक वैद्य, ज्योतिष विश्वास, नीलिमा नेताम सहित शिक्षकगण एवं बड़ी संख्या में पालकगण कार्यक्रम में शामिल हुए।
मातृ-पितृ दिवस के इस आयोजन ने विद्यालय और अभिभावकों के बीच संबंधों को और मजबूत करने का संदेश दिया।

Author Desk

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