सदन में जंबूरी कार्यक्रम पर विपक्ष ने शिक्षा मंत्री को घेरा, विधायकों की समिति से जांच की मांग, जवाब से असंतुष्ट विपक्ष का वॉकआउट

सदन में जंबूरी कार्यक्रम पर विपक्ष ने शिक्षा मंत्री को घेरा, विधायकों की समिति से जांच की मांग, जवाब से असंतुष्ट विपक्ष का वॉकआउट
रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के आठवें दिन जम्बूरी कार्यक्रम पर जमकर हंगामा हुआ। विपक्ष ने शिक्षा मंत्री को घेरने की कोशिश की। जवाब से असंतुष्ट विपक्ष ने सदन से बहिर्गमन किया। बालोद जिले में आयोजित स्काउट-गाइड के रोवर रेंजर जंबूरी कार्यक्रम को लेकर विधानसभा में सवाल उठा। कांग्रेस विधायक उमेश पटेल ने स्कूल शिक्षा मंत्री से कार्यक्रम में हुए खर्च, टेंडर प्रक्रिया और संभावित अनियमितताओं को लेकर जानकारी मांगी। कांग्रेस ने भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए विधायकों की समिति से जांच कराए जाने की माँग की। मंत्री के जवाब से असंतुष्ट विपक्ष ने वॉकआउट कर दिया।
इससे पहले कांग्रेस विधायक उमेश पटेल ने पूछा कि टेंडर रद्द कर नया टेंडर क्यों जारी किया। इस पर मंत्री गजेंद्र यादव ने बताया कि टेंडर की शर्तें कठिन और जटिल थी। इससे स्थानीय स्तर पर लोग इसमें भाग नहीं ले सकते थे। इसलिए यह माना गया कि टेंडर की शर्तों में बदलाव किया जाए। भारत स्काउट गाइड की नेशनल बॉडी ने जब आयोजन की सहमति दी तब हमने 5 करोड़ रुपए की राशि दी। तब उन्होंने कहा कि आयोजन का टेंडर हम जेम पोर्टल के ज़रिए करेंगे। तब आयुक्त ने चि_ी लिखी कि जेम पोर्टल से खऱीदी नहीं की जा सकती। उमेश पटेल ने कहा कि किसी ख़ास आदमी को टेंडर देने के लिए टेंडर की शर्तों को डाउन ग्रेड किया गया। ये भ्रष्टाचार का मामला है।
कांग्रेस विधायक उमेश पटेल ने आगे पूछा कि स्काउट गाइड का अध्यक्ष कौन होता है ? मंत्री ने बताया कि स्कूल शिक्षा मंत्री ही पदेन अध्यक्ष होता है। इस पर उमेश पटेल ने पूछा कि परिषद को भंग करने का अधिकार किसका है। एक सांसद कहते हैं कि मैं अध्यक्ष हूँ। स्कूल शिक्षा मंत्री कहते हैं कि मैं अध्यक्ष हूँ। मंत्री गजेंद्र यादव ने कहा कि टेंडर सांसद ने भंग नहीं किया था। जिला प्रशासन ने भंग किया और फिर नए टेंडर जारी किए।
कांग्रेस विधायक उमेश पटेल ने कहा कि 24 दिसम्बर 25 को नया टेंडर जारी किया गया था और टेंडर की अंतिम तिथि 3 जनवरी थी? क्या इस प्रक्रिया के पहले काम शुरू हो गया था? किसी खास आदमी को काम देने के लिए टेंडर डाउन ग्रेड किया गया। इसमें भ्रष्टाचार हुआ है। क्या विधायक दल की कमेटी से इस मामले की जांच कराई जाएगी? मंत्री गजेन्द्र यादव ने कहा कि पूरा काम जेम पोर्टल के ज़रिए हुए हैं। जेम पोर्टल से भ्रष्टाचार किया ही नहीं जा सकता है। जांच कराए जाने की जरूरत ही नहीं है।
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि स्काउट गाइड का अध्यक्ष कौन है? कोर्ट में इसकी लड़ाई चल रही है। इस टेंडर को डाउन ग्रेड किया गया। टेंडर जारी होने के पहले ही काम शुरू कर दिया गया था। ये तरह की प्रवृत्ति बन गई है। इस पर रोक लगाए जाने की जरूरत है। सदन की उच्च स्तरीय समिति या विधायक दल की समिति से जाँच कराई जाएगी? स्कूल शिक्षा मंत्री ने कहा कि जेम पोर्टल से टेंडर हुआ और जेम पोर्टल से टेंडर जारी नहीं हुआ तो फिर काम कैसे हो जाएगा। भारत स्काउट गाइड के नेशनल हेडक्वार्टर की टीम ने पहले अपना काम शुरू कर दिया था। लखनऊ के आयोजन के बाद पूरी टीम बालोद आई थी। उन्होंने अपने हिस्से का काम शुरू कर दिया था।
इसके साथ ही स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने विधानसभा में बताया कि बालोद में आयोजित स्काउट गाइड रोवर रेंजर जंबूरी कार्यक्रम के लिए क्रॉसिंग एरिना निर्माण, शौचालय निर्माण, जल व्यवस्था, प्रकाश व्यवस्था, ध्वनि व्यवस्था, आवास के लिए टेंट, डोम, बैरिकेडिंग, भोजनालय और प्रिंटिंग सहित अन्य व्यवस्थाओं पर करीब 2 करोड़ रुपये खर्च किए गए।
मंत्री के अनुसार जंबूरी कार्यों के लिए मेसर्स अमर भारत किराया भंडार को 5 करोड़ 18 लाख 88 हजार 860 रुपये का टेंडर दिया गया था। उन्होंने यह भी बताया कि टेंडर की शर्तें तय करने के लिए समिति का गठन किया गया था। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि इस कार्य में किसी विशेष फर्म को लाभ पहुंचाने के लिए टेंडर बदलने संबंधी कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई है।



