डीएमएफ कार्यों में गुणवत्ता और पारदर्शिता पर जोर, धमतरी में शासी परिषद की बैठक सम्पन्न

धमतरी- जिला खनिज संस्थान न्यास (DMF) की शासी परिषद की बैठक आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित की गई। बैठक में लोकसभा सांसद रूपकुमारी चौधरी, विधायक भोजराज नाग, धमतरी क्षेत्र के विधायक ओंकार साहू, सिहावा विधायक अम्बिका मरकाम, कलेक्टर अबिनाश मिश्रा, वनमंडलाधिकारी श्रीकृष्ण जाधव, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी गजेन्द्र सिंह ठाकुर सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं समिति सदस्य उपस्थित रहे।
बैठक में सांसद रूपकुमारी चौधरी ने संबंधित विभागों एवं निर्माण एजेंसियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि डीएमएफ की गाइडलाइन, नियम एवं प्रक्रियाओं का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। साथ ही स्वीकृत कार्यों का नियमित भौतिक सत्यापन और समय-समय पर निरीक्षण सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया, ताकि योजनाओं का लाभ वास्तविक हितग्राहियों तक पहुंचे। बैठक में वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए पूर्व में अनुमोदित कार्ययोजना की सेक्टरवार प्रगति की समीक्षा भी की गई।
कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने पावर प्रेजेंटेशन के माध्यम से जानकारी दी कि उच्च प्राथमिकता (70 प्रतिशत) के अंतर्गत कुल 52 कार्य स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 23 कार्य पूर्ण हो चुके हैं, 21 कार्य प्रगतिरत हैं, 5 कार्य प्रारंभ नहीं हो सके हैं तथा 3 कार्य निरस्त किए गए हैं। इस श्रेणी में 643.08 लाख रुपये की स्वीकृति के विरुद्ध 245.35 लाख रुपये व्यय किए गए हैं। शिक्षा, कौशल विकास, कृषि और पर्यावरण संरक्षण जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की गई है।
इसी प्रकार अन्य प्राथमिकता (30 प्रतिशत) के अंतर्गत 38 कार्य स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें 19 कार्य पूर्ण और 18 कार्य प्रगतिरत हैं। इस श्रेणी में 424.85 लाख रुपये की स्वीकृति के विरुद्ध 294.75 लाख रुपये व्यय किए गए हैं। बैठक में भौतिक अधोसंरचना, सिंचाई और ऊर्जा विकास से जुड़े कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए गए।
कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने जिले के विकास के लिए विभागवार तैयार की गई कार्ययोजना के संबंध में परिषद के सदस्यों को विस्तृत जानकारी दी। इसके बाद विभागवार वार्षिक कार्ययोजना के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि डीएमएफ एवं प्रधानमंत्री खनिज क्षेत्र कल्याण योजना (PMKKKY) के अंतर्गत खनन से प्रभावित प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष क्षेत्रों का बेसलाइन सर्वे कराया जाएगा। इसके आधार पर पंचवर्षीय कार्ययोजना तैयार करते हुए वित्तीय वर्ष 2026-27 की कार्ययोजना बनाई जाएगी।
बैठक के दौरान सांसद रूपकुमारी चौधरी ने सभी विभागों को कार्यों के समयबद्ध क्रियान्वयन, गुणवत्ता नियंत्रण और पारदर्शिता बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि डीएमएफ निधि का उपयोग जिले के समग्र विकास, विशेष रूप से खनिज प्रभावित क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए प्रभावी ढंग से किया जाना चाहिए।
उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि सभी लंबित और अप्रारंभ कार्यों को प्राथमिकता के साथ शीघ्र प्रारंभ किया जाए तथा प्रगतिरत कार्यों को निर्धारित समय सीमा में पूर्ण करते हुए उनकी नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए।



