छत्तीसगढ़

मोखा में खोखले हो चुके पेड़ झुक रहे आंधी बारिश में गिरने का खतरा

धमतरी- बरसात के दिनों में अक्सर बारिश व तेज हवाओं के कारण पेड़ों के गिरने का खतरा बना रहता है। पुराने, सूखे व झुके हुए पेड़ों से कभी भी बड़ा हादसा होने से इंकार नहीं किया जा सकता। अगर वक्त से पहले इस पर ध्यान नहीं दिया गया तो खुद हम बड़ी अनहोनी को आमंत्रण दे रहे हैं।

ऐसा ही एक पीपल का पेड़ ग्राम मोखा (मड़ईभाठा) में शीतला पारा मेें अचानक से गिर चुका है। प्रत्यक्षदर्शी कार्तिक राम धु्रव रविकुमार मरकाम, रेवा साहू ने बताया कि जब इस पेड़ की शाख टूटी तब रात थी, वे लोग उसी स्थान पर थे। रात में खाना खाने के बाद शीतला के पास बैठने जाते हैं। अचानक से जब पेड़ की शाख गिरी तो वे लोग डर गये। गनीमत यह रही कि किसी को कुछ नुकसान नहीं पहुंचा। अब इसी पेड़ का एक और शाख झुकता जा रहा है। जो खतरे से कम नहीं है। सभी लोग हमेशा इसी जगह आकर बैठते हंै और बच्चे भी खेलते रहते हंै। जिसका डर हमेशा लगा रहता है। गांव की सुशीला धु्रव, शारदा सोरी, राजेश्वरी मरकाम, सुमन बाई ने बताया कि पीपल पेड़ के शाख के एक तरफ झुक जाने से गिरने का डर हमेशा लगा रहता है। ठीक इसी जगह महिलाओं के नहाने का स्थान भी है। वे लोग हमेशा डरे सहमे हुए नहाते हैं। उनके बच्चे भी इसी जगह नहाते व खेलते रहते हंै। कुछ अनहोनी न हो जाए इसका डर बना रहता है।

इसी जगह बिजली का खंभा भी है

शीतला मंदिर पीपल पेड़ के करीब ही एक बिजली का पोल भी लगा हुआ। अगर किसी दिन अचानक से यह शाख गिर गया तो बिजली पोल भी टूट जायेगा। जो बिजली पोल के सीध में ही है। अगर ऐसी कुछ घटना घटती है तो एक खंभे की जगह दो खंभे गिर सकते हैं। इससे लोगों में जान एवं जनहानि का खतरा बना हुआ है। इस ओर विद्युत विभाग को ध्यान देने तथा पेड़ की शाख को कटवाने की जरूरत है।

ग्रामीण नहीं दे रहे ध्यान

शीतला स्थित पीपल का पेड़ वर्षों पुराना है। इस पेड़ की शाखाएं अंदर से खोखली हो चुकी है। एक तो पहले ही टूट चुका है और दूसरी टूटने की कगार पर है। इस घटना और पेड़ के जर्जर हालात के बारे में ग्राम पटेल,ग्राम के प्रबुद्धजन सहित सभी लोगों को जानकारी है। इसके बाद भी इस ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा।

Author Desk

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