छत्तीसगढ़

बोल बम कावड़िया संघ द्वारा नागपंचमी को भोलेनाथ का विवाह धूमधाम से मनाया गया

धमतरी – बोल बम कावड़िया संघ द्वारा सावन के पवित्र महीने में चल रहे शिव महापुराण कथा में सोमवार नागपंचमी को भोलेनाथ का विवाह धूमधाम से मनाया गया।

भूत प्रेत संग निकली बारात
भक्तगणों के द्वारा भगवान शिव की बारात निकाली गई ।जिसमें भूत-प्रेत, साधु, नंदी शामिल हुए।डम डम डमरू बजाते हुए शिव जी दूल्हे बन कर निकले, बारात के साथ शहर के गणमान्य नागरिक,धर्मप्रेमियो के साथ निशक्त जन आयोग के अध्यक्ष मोहन लालवानी, महापौर विजय देवांगन, धर्म सम्राट राजेश शर्मा, जिलाध्यक्ष शरद लोहना,नीशू चंद्राकर , राजेंद्र शर्मा ,वीरेंद्र साहू ,गोपाल वाधवानी, मनोज सुखवानी ,समाजसेवी जानकी गुप्ता ,चंद्रिका साहू सहित शिव चरण सेवक भक्तजन शामिल हुए, कथावाचक आचार्य हरिशरण वैष्णव में बारातियों के स्वागत में भजन प्रस्तुत किए तो पंडाल में मौजूद महिलाएं भाव विभोर होकर नाचने लगीं। तालियों की गडग़ड़ाहट के बीच शिव और पार्वती बने किरदारों की पूजा अर्चना के बाद
जयकारे लगाए गए ।बारातियों का स्वागत दुष्यंत गेढ़े एवम् साथियों द्वारा किया गया ।

कन्यादान कर रहे पिता हिमवान बने बोल बम कावरिया संघ के संरक्षक दाऊ कृष्ण कुमार गुप्ता ने मातृ शक्ति का अभिनंदन करते हुए कहा कि माताएं सर्वश्रेष्ठ हैं, इसलिए राधे, सीता और पार्वती की स्तुति करने से भगवान कृष्ण, राम और शिव की शरण मिलती है। सुख-दुख तो कर्मों का फल है। हर मनुष्य को इसका सामना करना पड़ता है, इसीलिए कहा जाता है कि सुख आएगा और दुख जाएगा।दुख और सुख ज्यादा देर तक नहीं टिकते, हर हालत में मन को शिव भक्ति में लगाए रखे ।

आचार्य ने बताया राजा दक्ष की पुत्री सती ने भगवान शिव को अपना वर चुना था। राजा दक्ष और ऋषियों ने सती को भोलेनाथ के बारे में बताया कि वे योगी हैं, मदमस्त हैं, कपड़े भी नहीं पहनते और महलों में पली तो उनके साथ जंगल में कैसे रहोगी।लेकिन सती अपनी बात पर अड़ी रहीं और उन्होंने अपने पिता से भगवान शिव से विवाह करने की इच्छा व्यक्त की।राजा दक्ष ने अपनी पुत्री से विवाह करने के लिए भगवान शिव को बारात लाने का निमंत्रण दिया और इस प्रकार माता पार्वती और पिता शिव जी का शुभ विवाह संपन्न हुआ ।

गोपाल वाधवानी एवं मुकेश सुख्वानी ने बताया कि भव्य शोभायात्रा 27 अगस्त रविवार दोपहर 1 बजे से निकली जायेगी एवम् विशाल भंडारे का आयोजन 29 अगस्त मंगलवार दोपहर 12 बजे से किया जाएगा।

Author Desk

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