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पीएससी घोटाले मामले में मुख्यमंत्री भूपेश स्वयं संज्ञान लेकर जांच के आदेश क्यों नहीं देते? : पूर्व मंत्री राजेश मूणत

रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता और पूर्व मंत्री राजेश मूणत ने कहा कि छत्तीसगढ़ में सरकार के पौने पांच साल लूट-खसोट, भय, भूख और भ्रष्टाचार में निपट गए। जितने भी घोटाले हुए हैं वे सब इतिहास में दर्ज हो चुके हैं। चाहे वह शराब घोटाला हो, चाहे खनिज घोटाला हो, महादेव एप हो, और यह भी हिन्दुस्तान के रिकार्ड में है कि इन सबमें लिप्त जितने आईएएस अफसर, नेता, दलाल जो जेल गए हैं। जब भी ईडी के छापे पड़ते हैं, तब मुख्यमंत्री का बयान उनके बारे में आता है। क्या भ्रष्टाचारियों को संरक्षण देना कांग्रेस पार्टी का भरोसा हो गया? क्या खनिज माफिया पर कांग्रेस पार्टी का भरोसा हो गया? और कांग्रेस पार्टी अगर प्रदेश में अपना सर्वे करती है तो जो चीजें निकल कर आती है वह सार्वजनिक होती है। जब आपने घोषणा पत्र बनाया तो आपने जनता से जो वादे किए, उन वादों को पूरा करने में कहां तक आप कामयाब हो पाए?

राजेश मूणत ने कहा कि छत्तीसगढ़ का बेरोजगार नौजवान पीएससी की परीक्षा में बैठता है और पीएससी में घोटाला होता है। हाईकोर्ट पुन: परीक्षण के लिए कहती है। तब मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पत्रवार्ता लेकर कहते हैं कि बीजेपी के पास कोई दस्तावेज हो तो लेकर आए। बीजेपी लगातार आरोप लगा रही है कि पीएससी में अनियमितताएं हुई हैं और जिन-जिन लोगों का हक मारा गया, वह आवेदन लेकर सीएम हाउस आए हैं, उनकी पावती है। वे हाईकोर्ट भी गए और जो लोग उन तथ्यों से अवगत होने के बाद हाईकोर्ट ने शासन को निर्देश दिए। जब कोई तथ्य की जानकारी या मुद्दा आम जनता उठाती है। तब आप तथ्य मांगते हैं तो क्या जब किसी के यहां ईडी की रेड पड़ती है, तो उसके तथ्य पहले ही आपके पास आ जाते हैं? जब वे जेल चले जाते हैं और कई महीने तक उनकी जमानत नहीं होती है। ईडी चार्जशीट दायर करती है, तब भी आप बोलते हैं। पीएससी के घोटाला आने के बाद छात्रों की ओर से मैं कहता हूं कि आप संज्ञान में लेकर जांच की घोषणा क्यों नहीं करते? दोषी पर कोई भी कार्रवाई क्यों नहीं करते?

Author Desk

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